CM मोहन यादव ने ‘भारत टेक्स-2026’ में दिखाई MP की ताकत, निवेशकों को गिनाईं टेक्सटाइल सेक्टर की खूबियां
भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘भारत टेक्स-2026’ में हिस्सा लेकर राज्य को टेक्सटाइल निवेश के लिए सबसे आकर्षक गंतव्यों में शामिल करने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने देश-विदेश के प्रमुख टेक्सटाइल निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और वैश्विक ब्रांड्स के साथ राउंड टेबल बैठक कर मध्य प्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियों, संसाधनों और औद्योगिक संभावनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
‘PM मोदी के नेतृत्व में विकास को मिली नई गति’
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के हर क्षेत्र में विकास की नई लहर आई है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी वे इस आयोजन में शामिल हुए थे, लेकिन इस बार इसका दायरा और प्रभाव पहले से अधिक व्यापक नजर आया। उन्होंने बताया कि केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय के सहयोग से मध्य प्रदेश टेक्सटाइल और गारमेंट उद्योग को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है, जिससे उत्पादन बढ़ने के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं।
PM मित्र पार्क से मिलेगा बड़ा फायदा
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार जिले में स्थापित हो रहा देश का पहला PM मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क प्रदेश के टेक्सटाइल सेक्टर के लिए गेम चेंजर साबित होगा। इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 3 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा, जबकि 6 लाख से अधिक कपास उत्पादक किसानों को भी इसका लाभ पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि यह पार्क खेती से लेकर कपड़ा निर्माण और वैश्विक बाजार तक पूरी सप्लाई चेन को मजबूत करेगा।
महेश्वरी और चंदेरी साड़ियों का किया जिक्र
मोहन यादव ने मध्य प्रदेश की समृद्ध वस्त्र परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि महेश्वरी और चंदेरी साड़ियां प्रदेश की पहचान हैं। उन्होंने बताया कि महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने महेश्वरी साड़ी को नई पहचान दिलाई और बुनकरों की आजीविका को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है, जहां बनारसी, भागलपुरी, कांजीवरम, महेश्वरी और चंदेरी जैसे पारंपरिक वस्त्र देशभर में पसंद किए जाते हैं।
‘मध्य प्रदेश में सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध’
मुख्यमंत्री ने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध करा रही है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान समय में मध्य प्रदेश में देश की सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध है, जिससे उद्योगों की लागत कम होती है। साथ ही राज्य में सौर ऊर्जा और पंप स्टोरेज परियोजनाओं के जरिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उद्योगों को निर्बाध ऊर्जा मिल सके।
उद्योगों को दी जा चुकी है 5,500 करोड़ रुपये की सब्सिडी
सीएम मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योगपतियों और निवेशकों से किए गए सभी वादों को पूरा किया है। उन्होंने बताया कि विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में करीब 5,500 करोड़ रुपये की सब्सिडी डीबीटी के माध्यम से जारी की जा चुकी है और मई 2026 तक की सभी देनदारियों का भुगतान कर दिया गया है। उन्होंने निवेशकों से मध्य प्रदेश में उद्योग स्थापित करने का आग्रह करते हुए कहा कि राज्य सरकार हर निवेशक को हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
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