भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 24 अप्रैल को किसानों के नाम एक भावनात्मक और महत्वपूर्ण संदेश जारी किया। उन्होंने प्रदेश के अन्नदाताओं को नमन करते हुए दोहराया कि राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि किसानों के बिना प्रदेश का विकास संभव नहीं और सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। अपने संदेश में उन्होंने गेहूं खरीदी, भू-अर्जन मुआवजा और विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का भी उल्लेख किया।
मध्य प्रदेश मेरा परिवार
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद से पूरा मध्य प्रदेश उनका परिवार है। “आपका सुख-दुख ही मेरा सुख-दुख है,” उन्होंने कहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है, और इस विकास की असली ताकत किसान हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उनके जीवन में खुशहाली लाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
गेहूं खरीदी में बड़ा फैसला
रिकॉर्ड उत्पादन को देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्र से गेहूं खरीदी की सीमा बढ़ाने का आग्रह किया था, जिसे मंजूरी मिल गई है। अब लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। सीएम ने इसे किसानों की मेहनत का सम्मान बताते हुए कहा कि इससे उनकी आय सुनिश्चित होगी।
स्लॉट बुकिंग और खरीदी व्यवस्था
किसानों की सुविधा के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी हेतु स्लॉट बुकिंग सभी के लिए खोल दी गई है। अब खरीदी सप्ताह में 6 दिन होगी और शनिवार को भी जारी रहेगी। स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई कर दी गई है, जरूरत पड़ने पर इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
भू-अर्जन में 4 गुना मुआवजा
सरकार ने भूमि अधिग्रहण को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। अब किसानों को उनकी जमीन के बदले 4 गुना तक मुआवजा दिया जाएगा। इसे किसानों के अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में अहम कदम बताया गया।
कृषि और फसल प्रोत्साहन
सरकार उड़द और सरसों जैसी फसलों को बढ़ावा दे रही है। उड़द की खरीदी समर्थन मूल्य पर होगी और किसानों को 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी मिलेगा। इसके साथ ही सिंचाई, आधुनिक तकनीक और फसल विविधीकरण पर भी जोर दिया जा रहा है।
बिजली और सोलर पंप योजना
किसानों को सस्ती और पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने के लिए नई पहल की जा रही है। सिर्फ 5 रुपये में कृषि पंप कनेक्शन और 90% सब्सिडी पर सोलर पंप देने की योजना लागू की जा रही है। इससे किसान बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनेंगे।
मध्य प्रदेश बनेगा ‘मिल्क कैपिटल’
दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 1752 नई दुग्ध समितियां बनाई गई हैं। रोजाना दूध संकलन 10 लाख किलोग्राम से अधिक पहुंच चुका है। किसानों को 1600 करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान किया गया है और दूध के दाम भी बढ़े हैं।
उर्वरक और तकनीकी सुधार
प्रदेश में यूरिया और अन्य उर्वरकों का पर्याप्त भंडार है। वितरण प्रणाली को बेहतर बनाया जा रहा है ताकि किसानों को बिना लाइन लगे आसानी से खाद मिल सके।
किसानों के साथ सरकार
सीएम ने अंत में कहा कि “सच्चा वादा और पक्का काम” सरकार का संकल्प है। किसानों की समृद्धि ही मध्य प्रदेश की ताकत है और विकसित भारत 2047 के निर्माण में उनकी भूमिका अहम होगी। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी रहेगी।





