नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सिफारिश पर पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही प्रह्लाद जोशी अब शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार भी संभालेंगे। वर्तमान में उनके पास उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की जिम्मेदारी भी है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ खत्म हुआ आंदोलन
पिछले करीब एक महीने से दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में छात्र NEET पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की थी।
20 जून से शुरू हुआ यह आंदोलन शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद समाप्त कर दिया गया। CJP ने दावा किया कि सरकार ने उनकी प्रमुख मांगों पर सहमति जताई है, जिसके बाद देशभर में चल रहे सभी विरोध-प्रदर्शन तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
इस्तीफा देते हुए क्या बोले धर्मेंद्र प्रधान?
धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि छात्र अपना समय पढ़ाई और अपने भविष्य के निर्माण में लगाएं, इसी उद्देश्य से उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना त्यागपत्र सौंपा है।
उन्होंने लिखा कि वे चार दशक से अधिक समय से छात्र हित, शिक्षकों और शिक्षा सुधार के लिए कार्य करते रहे हैं तथा देश के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने छात्रों को गुमराह करने और माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया, जिससे उन्हें गहरा दुख पहुंचा।
36 दिन तक चला CJP का प्रदर्शन
CJP के नेतृत्व में NEET विवाद को लेकर 36 दिनों तक चला आंदोलन शनिवार को समाप्त हो गया। संगठन का कहना है कि सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार पर चर्चा जारी रखने पर सहमति जताई है और दोनों पक्ष चार सप्ताह बाद फिर बैठक करेंगे।
CJP ने यह भी दावा किया कि सरकार ने NEET विवाद से जुड़े कथित आत्महत्या के मामलों में प्रभावित परिवारों को सम्मानजनक मुआवजा देने तथा दिल्ली सहित भाजपा शासित राज्यों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने पर सहमति व्यक्त की है।
कौन हैं प्रह्लाद जोशी?
प्रह्लाद जोशी का जन्म वर्ष 1962 में कर्नाटक के विजयपुरा में हुआ था। उन्होंने हुबली में स्कूली शिक्षा प्राप्त की और इसके बाद कर्नाटक विश्वविद्यालय से संबद्ध केएस आर्ट्स कॉलेज, धारवाड़ से स्नातक की पढ़ाई पूरी की।
छात्र जीवन से ही वे सामाजिक और जनहित के कार्यों में सक्रिय रहे। वर्ष 2004 में उन्होंने पहली बार धारवाड़ लोकसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीता और कांग्रेस उम्मीदवार बी.एस. पाटिल को हराया। इसके बाद वे लगातार पांच बार धारवाड़ से लोकसभा सदस्य चुने गए।
30 मई 2019 को उन्हें पहली बार केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया गया, जहां उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री का दायित्व संभाला। अब उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।





