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TMC के नाम और सिंबल पर विवाद, ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े घटनाक्रम ने राज्य की सियासत गरमा दी है। चुनाव आयोग द्वारा तृणमूल कांग्रेस के मूल नाम और चुनाव चिह्न को फ्रीज किए जाने के बाद ममता बनर्जी ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। आयोग ने ममता बनर्जी के गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न आवंटित किया है।

नंदीग्राम में TMC उम्मीदवार ने वापस लिया नामांकन

नंदीग्राम उपचुनाव से पहले ममता बनर्जी के गुट को उस समय बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला, जब पार्टी की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया। यह फैसला नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख से एक दिन पहले लिया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, नामांकन वापस लेने से पहले संचिता डे ने मुख्यमंत्री और नंदीग्राम से विधायक रहे सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी। हालांकि, उनके नामांकन वापस लेने की आधिकारिक वजह स्पष्ट नहीं की गई है।

संचिता डे के मैदान से हटने के बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया। ममता ने इसे विपक्षी गठबंधन को मजबूत करने की दिशा में कदम बताया।

ममता के समर्थन के कुछ घंटे बाद कांग्रेस उम्मीदवार गिरफ्तार

ममता बनर्जी के समर्थन के ऐलान के कुछ घंटे बाद कांग्रेस के नंदीग्राम उम्मीदवार मिलन प्रधान को पश्चिम बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी 2007 से जुड़े एक पुराने मामले में हुई है। रिपोर्टों के अनुसार, यह मामला नंदीग्राम में भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के दौरान हुई घटना से जुड़ा है।

गिरफ्तारी के समय को लेकर कांग्रेस और ममता बनर्जी के गुट ने सवाल उठाए हैं। वहीं, कांग्रेस ने कहा है कि वह मिलन प्रधान की उम्मीदवारी वापस नहीं लेगी। दूसरी ओर, मामले में पुलिस की कार्रवाई को पुराने केस और लंबित वारंट से जोड़ा गया है।

TMC के नाम और सिंबल पर भी विवाद

इन घटनाक्रमों के बीच चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के नाम और पारंपरिक चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों के लिए रोक लगाई है। ममता बनर्जी के गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चिह्न दिया गया है, जबकि दूसरे गुट को अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है।

ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। मामले की सुनवाई पर अब सभी की नजर है।

नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर बढ़ी सियासी हलचल

नंदीग्राम में उम्मीदवार के नामांकन वापस लेने, कांग्रेस प्रत्याशी को TMC के समर्थन और उसके बाद उनकी गिरफ्तारी से उपचुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी और विपक्षी दलों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं, जबकि TMC और कांग्रेस ने मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाए हैं।

नंदीग्राम और रेजिनगर में उपचुनाव 6 अक्टूबर को होने हैं और मतगणना 9 अक्टूबर को प्रस्तावित है।

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