ताश के शौकीनों और जीवन के दर्शन को समझने वालों के लिए एक बेहद खूबसूरत संदेश :
क्या आप जानते हैं…???
इसे स्कूलों में भी सिखाया जा सकता है और बच्चों को यह बहुत पसंद आएगा, एक बार ज़रूर आज़माएं।
* 52 ताश के पत्ते = साल के 52 हफ्ते (सप्ताह)
* 4 तरह के पत्ते (हुकुम, चिड़ी, ईंट, पान) = 4 ऋतुएँ (सीज़न)
* हर तरह के 13 पत्ते = हर ऋतु के 13 हफ्ते
* इन 52 पत्तों का कुल जोड़ = 364
* इसमें एक जोकर (Joker) जोड़ें तो बनता है = 365, यानी 1 सामान्य वर्ष
* इसमें दो जोकर जोड़ें तो बनता है = 366, यानी एक लीप वर्ष (अधिवर्ष)
* 52 पत्तों में 12 चित्र वाले (तस्वीरदार) पत्ते होते हैं = साल के 12 महीने
* लाल और काला रंग = दिन और रात
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#पत्तों के इस गहरे अर्थ को समझें:
* 2 (दुग्गी) – धरती और आकाश
* 3 (तिग्गी) – ब्रह्मा, विष्णु और महेश
* 4 (चौकी) – चार वेद (अथर्ववेद, सामवेद, ऋग्वेद, यजुर्वेद)
* 5 (पंजों/पंजा) – पांच प्राण (प्राण, अपान, व्यान, उदान, समान)
* 6 (छक्का) – छह शत्रु (काम, क्रोध, मद, मोह, मत्सर, लोभ)
* 7 (सत्ते/सत्ता) – सात समुद्र
* 8 (अट्ठा) – आठ सिद्धियाँ
* 9 (नहला) – नौ ग्रह
* 10 (दहला) – दस इंद्रियाँ
* गुलाम (Jack) – मन की इच्छाएं
* बेगम (Queen) – माया
* बादशाह (King) – सब पर राज करने वाला (परमात्मा/शासक)
* इक्का (Ace) – मानव बुद्धि
* सामने वाला खिलाड़ी (विपक्षी) – भाग्य (नियति)
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> यदि कोई ताश के खेल के माध्यम से जीवन के इस अर्थ को समझ ले, तो सचमुच जीवन जीना बहुत आसान हो सकता है। यह बात मुझे भी पहले नहीं पता थी।
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