पूरी दुनिया में “मेटल किंग” के नाम से मशहूर वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल आज अपनी ज़िंदगी के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं।
बेटे अग्निवेश अग्रवाल के असमय निधन ने उन्हें भीतर तक तोड़ दिया है।
लेकिन इस गहरे दुख के बीच उन्होंने एक ऐसा फैसला दोहराया, जिसने पूरे देश को सोचने पर मजबूर कर दिया।
???? ₹35,000 करोड़ की संपत्ति का 75% हिस्सा समाज को दान।
Forbes के मुताबिक अनिल अग्रवाल और उनके परिवार की कुल नेटवर्थ लगभग 4.2 अरब डॉलर है।
इस दौलत का बड़ा हिस्सा समाज को लौटाने का ऐलान वह पहले ही कर चुके थे,
लेकिन बेटे के जाने के बाद उन्होंने इस संकल्प को और भी मजबूती से दोहराया।
अनिल अग्रवाल भावुक होकर कहते हैं—“यह वादा मैंने अपने बेटे से किया था। जो कुछ भी कमाया है, उसका असली मकसद समाज की सेवा है।”
अब उनकी आगे की ज़िंदगी समर्पित होगी—
✨ शिक्षा
✨ स्वास्थ्य
✨ महिला सशक्तिकरण
✨ आत्मनिर्भर भारत
निजी दर्द के बीच लिया गया यह फैसला बताता है कि
???? इंसान की पहचान उसकी दौलत से नहीं, उसके इरादों से होती है।
???? सलाम ऐसे विचारों को…
???? सलाम ऐसी सोच को…






