मुंबई की चीनू काला ने 15 साल की उम्र में पारिवारिक समस्याओं के चलते घर छोड़ दिया था। उस वक्त उनकी जेब में केवल 300 रुपये थे और उन्हें रेलवे स्टेशन पर भी रातें गुजारनी पड़ी थीं। पेट पालने के लिए उन्होंने घर-घर जाकर सामान बेचने (डोर-टू-डोर सेल्स) का काम किया, जिससे उन्हें रोजाना महज 20 से 40 रुपये की कमाई होती थी। वे 20 रुपये किराये वाली डॉर्मेटरी में रहकर गुजारा करती थीं।
साल 2014 में चीनू ने 3 लाख रुपये के निवेश से ‘रुबंस एक्सेसरीज’ (Rubans Accessories) की शुरुआत की। उन्होंने बेंगलुरु के एक मॉल में 6×6 की एक छोटी सी जगह किराए पर ली थी, जिसका किराया 80,000 रुपये था। अपनी मेहनत के दम पर आज उन्होंने इसे करोड़ों के टर्नओवर वाली कंपनी बना दिया है। अब बेंगलुरु में उनके 7 स्टोर्स हैं और उनकी कंपनी ऑनलाइन और ऑफलाइन मिलाकर 10 लाख से ज्यादा प्रोडक्ट बेच चुकी है।






