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प्रातः काल अपने घर के मंदिर में पूजा पाठ कैसे करना चाहिए एवं जन्मकुंडली के अनुसार विवाह कब होगा आओ जानें

सबसे पहले तो ब्रह्म मुहूर्त 4 से 5:30 बजे के बीच में उठना चाहिए,अपने सिरहाने ताम्बे के बर्तन में रात को पानी रखकर सोना चाहिए सबसे पहले उठकर दोनों हथेली के दर्शन करें,रूम में अपने ईस्ट भगवान के दर्शन करें फिर पृथ्वी और माता पिता अपने छोटे बड़े सभी को प्रणाम करें,ताम्बे वाला जल पीए शौचालय जाए सैर करें योगा करें,स्नान करें फिर म्यूजिक सिस्टम या मोबाइल में भजन आरती हनुमान चालीसा चलाए,सुबह पूजा करने के लिए,स्नान के बाद,साफ वस्त्र पहनकर,मंदिर को साफ करें, दीपक और धूप जलाएं,जल का पात्र रखें, गणेश जी की पूजा से शुरुआत करें, फिर अपने इष्ट देव का ध्यान,मंत्र जाप, आरती और क्षमा याचना करें।

जन्मकुंडली में शनि ज्यादा प्रबल है तो विवाह में देरी व भाग्योदय देरी भी से होता है
जन्मकुंडली में शनि कुंभ व मकर राशि मे हो या उच्च की राशि मे तो प्रबल होता है।ऐसे व्यक्ति को जीवन मे हर कार्य मे देरी हो जाती है। लेकिन व्यक्ति 36 वर्ष की उम्र के बाद अच्छी तरक्की करता है।
उपाय:- सीधे हाथ की मध्यमा अंगुली में कांसे का छल्ला धारण करे।

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भारत के सभी बड़े तीर्थ मंदिरों मेँ ESCALATOR जैसे दिल्ली एयरपोर्ट पर लगे हैं उनके आओ आप खडे होजाओ अपने अपने फ्लाइट वेटिंग एरिया मेँ ले जाते हैं
ESCALATOR लगाने के लिए हमारे सभी मंदिरों के पास पूरा पैसा है,नेक कार्य क़ो करने मेँ देरी क्यों,बांके बिहारी,राधा रानी बरसाना,तिरुपति बालाजी,खाटूश्याम,मेंहदीपु र,वैष्णों देवी,भारत के किसी भी मंदिर मेँ फिर धक्का मुक्की बिलकुल भी नहीं होगी और आराम से दर्शन होंगे सभी क़ो 🙏🏻🙏🏻

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Author: sssrknews

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