नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बड़ा कदम उठाते हुए विशेष शक्तियों वाली एक उच्च-स्तरीय समिति के गठन की घोषणा की है। उन्होंने बुधवार को सभी सरकारी एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रदूषण नियंत्रण को “युद्धस्तर के अभियान” की तरह चलाया जाए। नई समिति का उद्देश्य शहर में प्रदूषण रोकथाम के उपायों की निगरानी, समीक्षा और उसे और मज़बूत बनाना होगा।
किसी भी लापरवाही पर सख्त कार्रवाई: सीएम रेखा गुप्ता
दिल्ली सचिवालय में अंतर-विभागीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदूषण को एक “आपातकालीन मिशन” की तरह ले रही है और जिम्मेदार एजेंसियों की किसी भी चूक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नवगठित विशेषज्ञ समिति में वरिष्ठ अधिकारी, आईआईटी विशेषज्ञ और पर्यावरण वैज्ञानिक शामिल होंगे। समिति को विशेष अधिकार दिए जाएंगे ताकि यह विभिन्न विभागों के कामकाज की निगरानी कर सके और तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई भी लागू कर सके।
सीएम गुप्ता ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) को निर्देश दिया कि जो भी विभाग धूल नियंत्रण, सड़क रखरखाव या प्रदूषण रोकथाम से जुड़े नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ चालान और भारी जुर्माना लगाया जाए।
दिल्ली की हवा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में
बुधवार सुबह राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 342 दर्ज किया गया, जो “बहुत खराब” श्रेणी में आता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, 24 घंटे का औसत AQI मंगलवार के 372 से थोड़ा सुधरकर 342 पर पहुंचा, लेकिन अब भी खतरनाक स्थिति में है।
CPCB के ‘Sameer’ ऐप के अनुसार, दिल्ली के 39 निगरानी केंद्रों में से 32 ने AQI को 300 से ऊपर रिकॉर्ड किया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी है।
सबसे ज्यादा AQI नेहरू नगर में 378 दर्ज हुआ। इसके अलावा मुंडका, बवाना, विवेक विहार, अलीपुर, शादीपुर, RK पुरम, बुराड़ी, आनंद विहार और उत्तर कैंपस में हवा की स्थिति बेहद चिंताजनक रही।
AQI श्रेणियां इस प्रकार हैं:
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0–50: अच्छा
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51–100: संतोषजनक
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101–200: मध्यम
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201–300: खराब
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301–400: बहुत खराब
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401–500: गंभीर
वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक दिल्ली का AQI “बेहद खराब” स्तर पर बना रहने की आशंका है। रात के समय धुंध और घनी हो सकती है।
बुधवार को दिल्ली में कुल प्रदूषण में वाहनों के धुएं का योगदान 16% दर्ज हुआ, जो स्थानीय स्रोतों में सबसे अधिक है। अनुमान है कि गुरुवार को भी यह योगदान 14.3% रहेगा।






