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“मेरी जान को खतरा है”, भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ी

रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। आंदोलन के तहत भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत शुक्रवार को अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अस्पताल ले जाने से पहले देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, “डॉक्टरों ने मुझे तुरंत अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर मेरी तबीयत और बिगड़ी तो मेरी जान को खतरा हो सकता है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छात्रों की ओर से सरकार को प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के नाम सौंपे जाने के बावजूद अब तक बातचीत शुरू नहीं हुई है।

महतो ने कहा कि छात्रों की मांगें पूरी तरह जायज हैं और अब तक हुई जांचों में भी उनकी चिंताओं की पुष्टि हुई है। इसके बावजूद सरकार का रवैया निराशाजनक और असंवेदनशील बना हुआ है।

CBI जांच की मांग पर अड़े विपक्ष

ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (AJSU) के विधायक निर्मल महतो ने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच के आदेश नहीं देते, तब तक उनकी पार्टी विधानसभा की कार्यवाही नहीं चलने देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में जांच कर रही एजेंसियां निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रही हैं।

तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती

एक अधिकारी के अनुसार, भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ चल रहे आंदोलन के तहत छह छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इनमें से छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

महुआ मांजी ने सरकार का किया बचाव

झामुमो सांसद महुआ मांजी ने कहा कि राज्य सरकार छात्रों की मांगों को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा, “जब छात्रों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था, तब केंद्र सरकार ने कई दिनों तक उनकी बात नहीं सुनी थी। लेकिन झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पहले दिन से ही छात्रों की बात सुनी, आयोग के अध्यक्ष का इस्तीफा स्वीकार किया, CID जांच शुरू कराई और कई गिरफ्तारियां भी हुईं। सरकार छात्रों को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह गंभीर है।”

आंदोलन का 14वां दिन

भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में छात्रों का आंदोलन शुक्रवार को 14वें दिन में प्रवेश कर गया। फिलहाल छह छात्र भूख हड़ताल पर हैं। वहीं, दो छात्र संगठनों ने विधानसभा तक मार्च निकालने का ऐलान किया है, जहां इन दिनों मानसून सत्र चल रहा है।

सरकार के साथ बातचीत के लिए आंदोलनकारी छात्रों और अभ्यर्थियों ने 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है। अब सभी की निगाहें सरकार और छात्रों के बीच संभावित वार्ता पर टिकी हैं।

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