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नरेंद्र मोदी और जसोदाबेन: त्याग, प्रतीक्षा और एक अनकही जीवनगाथा

कल ही कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ओर प्रवक्ता ओर राहुल गांडी के करीबी प्रमोद तिवारी ने देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी पर एक घटिया टिप्पणी करी कि

“हमने मोदी जी को राम मंदिर उदघाटन करते देखा लेकिन उनकी सीता यानी उनकी पत्नी को नहीं देखा”

आज हर कोई चाहे वो कांग्रेसी हो या समाजवादी या आप पार्टी या फिर आज लिबरल पालतु मीडिया ,सेकुलर और ग ट र के कॉकरोचो क़ो देश के प्रधानमंत्री के ऊपर उनकी निजी जिंदगी को लेके हर समय घटिया बयान बाजी ओर ओछी सोच दिखा ही देते है,

लेकिन उनके मोदी जी का जीवन कभी भी समझ मे नहीं आएगा…..!

नरेंद्र मोदी ओर जसोदाबेन किस त्याग से गुजरे है

कोई यूं ही नरेंद्र मोदी नहीं बनता उनके पीछे होता है एक पतिव्रता स्त्री का अनदेखा त्याग विरह और वफादारी, देश के सबसे शक्तिशाली व्यक्ति की पत्नी,फिर भी एक निर्वासित जीवन की कल्पना कीजिए…

आपका विवाह हो चुका है जिस पुरुष के साथ सात फेरे लिए थे,वो एक दिन देश सेवा पर निकल पड़ता है और प्रधानमंत्री भी बन जाता है पूरा देश उसे जानता है, दुनिया उसके स्वागत में लाल कालीन बिछाती है, लेकिन आप वहीं हैं,जहाँ दशकों पहले थीं।
न कोई प्रधानमंत्री आवास, न कोई राजनीतिक पद, न सत्ता का वैभव, न कैमरों की चमक सिर्फ एक नाम…जसोदाबेन मोदी।

हम राजनीति में नरेंद्र मोदी का मूल्यांकन कर सकते हैं। उनके फैसलों से सहमत या असहमत हो सकते हैं। लेकिन एक स्त्री के जीवन को राजनीति के चश्मे से मत देखिए।

जसोदाबेन की कहानी किसी फिल्मी प्रेम कथा जैसी नहीं है।

यह उस भारतीय स्त्री की कहानी है, जिसने विवाह किया, लेकिन वैवाहिक जीवन नहीं पाया।

जिसने पति को पाया, लेकिन साथ नहीं पाया।

जिसके हिस्से में अधिकार से अधिक प्रतीक्षा आई।

कहा जाता है कि वे आज भी उनके लिए व्रत रखती हैं।

सच पूछिए तो यह राजनीति का विषय नहीं, त्याग और आस्था का विषय है।

आज के दौर में कुछ महीनों की दूरी भी रिश्तों को तोड़ देती है।
छोटी-छोटी बातों पर एक दूसरे की जान ले लेते हैं पति पत्नी किसी को यह बताने की जरूरत नहीं है कि किस तरह का समाज हो गया है,

आजकल समाज में क्या चल रहा है बहुत सारी घटनाएं देखते हैं न्यूज़ पढ़ते हैं हम लोग नीला ड्रम काफी मशहूर हो चुका है और आए दिन पति-पत्नी एक दूसरे को कोर्ट में घसीटते रहते हैं
लोग छोटी-छोटी बातों पर तलाक ले लेते हैं।

छोटी-छोटी बातों पर एक दूसरे की जान ले लेते हैं आजकल पति पत्नी, लेकिन एक महिला ने अपने जीवन का अधिकांश हिस्सा बिना किसी सार्वजनिक शिकायत के गुज़ार दिया ।

यह हर किसी के बस की बात नहीं है।

मुझे सबसे अधिक पीड़ा तब होती है, जब सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री का नाम हर दूसरे दिन किसी दूसरी महिला के साथ जोड़कर मीम बनाए जाते हैं।

कभी मेलोनी…कभी स्मृति ईरानी…कभी कंगना रनौत…

राजनीतिक व्यंग्य अपनी जगह है, लेकिन एक पल के लिए उस महिला के बारे में भी सोचिए, जो कानूनी रूप से आज भी उनकी पत्नी है।

क्या उसके मन में कभी कोई टीस नहीं उठती होगी__?

क्या उसे कभी यह सब देखकर दुख नहीं होता होगा__?

हम नहीं जानते कि उनके मन में क्या है।

लेकिन इतना ज़रूर जानते हैं कि किसी भी पत्नी के लिए अपने पति का इस तरह सार्वजनिक मज़ाक देखना आसान नहीं होता।

जसोदाबेन ने सत्ता नहीं माँगी।

उन्होंने कोई राजनीतिक लाभ नहीं लिया।

उन्होंने कभी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सुर्खियाँ नहीं बटोरीं।

उनकी पहचान आज भी उनके अपने जीवन से कम, और उनके पति के नाम से अधिक जुड़ी हुई है।

यही शायद उनके जीवन का सबसे बड़ा विरोधाभास है।

एक तरफ़ वह देश के सबसे शक्तिशाली व्यक्ति की पत्नी हैं…

दूसरी तरफ़ उनका जीवन एक साधारण भारतीय महिला जैसा है।

इतिहास नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में याद रखेगा।

लेकिन शायद इतिहास के हाशिए पर एक नाम और भी दर्ज रहेगा—

जसोदाबेन मोदी एक ऐसी स्त्री, जिसने सत्ता नहीं देखी…

लेकिन प्रतीक्षा देखी ,वैभव नहीं देखा…लेकिन विरह देखा।

और शायद यही उनके जीवन की सबसे बड़ी पहचान है।

इसलिए सनातन धर्म में स्त्री को देवी का दर्जा दिया गया है ,
एहसास होता है उनके बारे में देखकर पढ़कर और सुनकर
इतना बड़ा त्याग,

कोई पवित्र और महान आत्मा ही कर सकती है सम्माननीय और पूजनीय है वो,

आज जो लोग नरेंद्र मोदी पर उंगली उठाते है उनके नेताओं की जिंदगी देखिये

जिसमें राजीव गांधी जो अपने परिवार को घुमाने फिराने देश के जहाज का इस्तेमाल करता था,

जिसमें केजरीवाल जो अपने परिवार के लिए करोड़ों खर्च कर शीशमहल बनवाता है,

तेजस्वी यादव जो अपनी बीवी का जन्मदिन मनाने के लिए खुद के पिता द्वारा खड़ी की गई पार्टी के वार्षिकोत्सव को 3 दिन पहले मना लेता है ताकि विदेश मैं बीवी का जन्मदिन मना सके,

अखिलेश यादव जो अपने परिवार की शान बढ़ाने के लिए सरकारी खर्च से सैफई महोत्सव मनवाता है जिसने बॉलीवुड के कलाकारों की करोड़ों रुपए देकर नाच गाना करवाता है,

आज भारत की राजनीति हर कोई नरेंद्र मोदी जी को सत्ता से हटाकर खुद प्रधानमंत्री बनना चाहता है लेकिन नरेंद्र मोदी जी जैसा त्याग समर्पण कोई नहीं करना चाहता सबको अपने परिवार का खजाना भरना है,

नरेंद्र मोदी जी ओर जसोदाबेन का रिश्ता पवित्र और अजर अमर है जो इतने कठिन त्याग से गुजर रहा है,

नारी तु नारायणी आप जैसी देवियों के लिए ही लिखा गया है ।
साभार

Diclaimer : इसका हमारी The भारत SSSRK News24x7 समाचार और राष्ट्र दर्शन (सबसे तेज़, सबसे आगे…),
यह एक आंकलन मात्र है…

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Author: sssrknews

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