नीरू ढांडा ने रचा इतिहास, एशियन गेम्स में इंडिविजुअल ट्रैप का गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला शूटर बनीं
एशियन गेम्स 2026 से भारत के लिए मंगलवार, 29 सितंबर को बड़ी खुशखबरी सामने आई। दिन की शुरुआत सिल्वर मेडल के साथ हुई, जिसके बाद भारत ने अपना पांचवां गोल्ड मेडल भी हासिल कर लिया। भारतीय महिला शूटर नीरू ढांडा ने इंडिविजुअल ट्रैप इवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया और इतिहास रच दिया। वह एशियन गेम्स में इंडिविजुअल ट्रैप या स्कीट इवेंट में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला शूटर बन गई हैं।
नीरू ने आठ निशानेबाजों वाले फाइनल में जगह बनाई थी। क्वालिफिकेशन मुकाबले में उन्होंने कतर की निशानेबाज के साथ 118 अंक हासिल किए, जो एशियन गेम्स का नया रिकॉर्ड रहा। भारत की अन्य निशानेबाजों में आशिमा अहलावत 16वें और मनीषा कीर 23वें स्थान पर रहीं और फाइनल की दौड़ से बाहर हो गईं।
हालांकि, नीरू ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा और फाइनल में दमदार निशानेबाजी करते हुए भारत के खाते में पांचवां स्वर्ण पदक जोड़ दिया।
वुमेंस ट्रैप टीम इवेंट में भी जीता था सिल्वर
नीरू ढांडा इससे पहले जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स के वुमेंस ट्रैप टीम इवेंट में भी भारत के लिए सिल्वर मेडल जीतने वाली टीम का हिस्सा रही थीं।
इंडिविजुअल फाइनल में भी नीरू का प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने 28 अंक हासिल किए। चीन की सन युनोंग ने 26 अंक के साथ सिल्वर मेडल जीता, जबकि 21 अंक हासिल करने वाली हजर अब्दुलमलिक को ब्रॉन्ज मेडल मिला।
वर्ल्ड कप में भी गोल्ड जीत चुकी हैं नीरू
हरियाणा की 26 वर्षीय नीरू ढांडा इससे पहले ट्रैप इवेंट में वर्ल्ड कप गोल्ड मेडल भी जीत चुकी हैं। जुलाई 2026 में इटली में आयोजित शॉटगन वर्ल्ड कप में उन्होंने 28 अंक हासिल कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। इस प्रदर्शन के दौरान उन्होंने एशिया के पुराने 24 अंक के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ा था।
एशियन गेम्स में इससे पहले किसी भारतीय महिला शूटर ने ट्रैप या स्कीट के इंडिविजुअल इवेंट में गोल्ड मेडल नहीं जीता था। नीरू की यह उपलब्धि भारतीय शूटिंग के इतिहास में एक खास मुकाम मानी जा रही है।
पुरुष वर्ग की बात करें तो रणधीर सिंह ने 1978 एशियन गेम्स में ट्रैप इवेंट में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता था। इसके बाद रोंजन सोढ़ी ने 2010 एशियन गेम्स में डबल ट्रैप के इंडिविजुअल इवेंट में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया था।







