नई दिल्ली: भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार सरकार के मंत्री नितिन नबीन दिल्ली पहुंच गए हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद नितिन नबीन भाजपा मुख्यालय पहुंचे, जहां उनका भव्य अभिनंदन किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता इस अवसर पर मौजूद रहे। भाजपा मुख्यालय में अमित शाह और जेपी नड्डा की मौजूदगी में नितिन नबीन ने औपचारिक रूप से भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का पद संभाला।
‘नया दायित्व पार्टी का आशीर्वाद’
इस मौके पर नितिन नबीन ने कहा कि उन्हें मिला यह नया दायित्व पार्टी का आशीर्वाद है। उन्होंने शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार जताते हुए अपने दिवंगत पिता और भाजपा के पूर्व विधायक नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। नितिन नबीन ने कहा, “मैंने हमेशा अपने पिता के सिद्धांतों पर चलते हुए काम किया है, जो पार्टी को अपनी मां और राष्ट्र को सर्वोपरि मानते थे। मुझे विश्वास है कि इन्हीं मूल्यों के कारण पार्टी ने मुझे यह जिम्मेदारी सौंपी है।”
‘भाजपा हर वर्ग की पार्टी बनी’
नितिन नबीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास देश के हर गांव और कस्बे तक पहुंचा है, जिसके साथ भाजपा का भी निरंतर विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि आज भाजपा सभी वर्गों की पार्टी के रूप में स्थापित हो चुकी है और कोई भी वर्ग एनडीए सरकार की विकास योजनाओं से वंचित नहीं रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा ‘अंत्योदय’ की अवधारणा को जन-जन तक पहुंचाने का उल्लेख करते हुए कहा कि इसकी परिकल्पना पंडित दीनदयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने की थी, जिसे अटल बिहारी वाजपेयी ने आगे बढ़ाया और अब प्रधानमंत्री मोदी ने इसे पूरे देश में लागू किया है।
कौन हैं नितिन नबीन?
नितिन नबीन वर्तमान में बिहार सरकार में पथ निर्माण और नगर विकास मंत्री हैं। वह पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से 2006 के उपचुनाव के बाद से लगातार पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं। वह कायस्थ समाज से आते हैं और वर्तमान बिहार मंत्रिमंडल में इस समाज के एकमात्र मंत्री हैं। उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे हैं और उनके निधन के बाद नितिन नबीन उनकी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। महज 45 वर्ष की उम्र में नितिन नबीन भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने वाले सबसे कम उम्र के नेता बन गए हैं।






