मुंबई: बीएमसी चुनाव के नतीजों के बाद मुंबई की सियासत में पोस्टर वॉर तेज हो गया है। शिवसेना (यूबीटी) के बाद अब भारतीय जनता पार्टी ने भी शहरभर में होर्डिंग्स लगाकर सियासी संदेश दिया है। मुंबई के प्रमुख चौराहों और इलाकों में लगाए गए बीजेपी के नए होर्डिंग्स ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। इन पोस्टरों के जरिए बीजेपी ने ठाकरे बंधुओं के पारंपरिक वोट बैंक को सीधी चुनौती देने की कोशिश की है।
‘मराठी जीता, मुंबईकर जीता’ का संदेश
बीजेपी की ओर से लगाए गए होर्डिंग्स पर लिखा है— “मराठी जीता, मुंबईकर जीता, महाराष्ट्र जीता। हिंदुत्व और विकास का एजेंडा जीता। धन्यवाद मुंबई!”
दरअसल, मुंबई की राजनीति लंबे समय से ‘मराठी मानुष’ की पहचान के इर्द-गिर्द घूमती रही है, जिस पर शिवसेना (यूबीटी) और मनसे अपना प्रभाव मानती आई हैं। हाल ही में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे दोनों ने बीजेपी पर मराठी अस्मिता को कमजोर करने के आरोप लगाए थे। ऐसे में बीजेपी के ये होर्डिंग्स उसी राजनीतिक नैरेटिव को पलटने की रणनीति के तौर पर देखे जा रहे हैं।
उद्धव गुट के पोस्टर से शुरू हुई थी जंग
इससे पहले उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना ने मातोश्री के बाहर एक पोस्टर लगाया था, जिस पर लिखा था— “बाप तो बाप होता है।”
पोस्टर में दावा किया गया था कि भले ही चुनाव चिन्ह छीना गया, पार्टी टूटी और विधायक-सांसद अलग हुए, लेकिन 65 पार्षदों की जीत मराठी जनता के भरोसे का नतीजा है।
बीएमसी चुनाव के नतीजे
बीएमसी चुनाव में बीजेपी ने अकेले 89 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि शिंदे गुट की शिवसेना को 29 और शिवसेना (यूबीटी) को 65 सीटें मिलीं। इस तरह बीजेपी–शिंदे गठबंधन को बहुमत का आंकड़ा पार करने में सफलता मिली। वहीं, अन्य दलों में मनसे, एआईएमआईएम, समाजवादी पार्टी और कुछ निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी कुछ सीटें जीती हैं।






