दरअसल, मेकेदातु परियोजना कावेरी नदी पर प्रस्तावित एक बांध से जुड़ा मामला है, जिसे कर्नाटक सरकार विकसित करना चाहती है। यह परियोजना बेंगलुरु के पास रामनगर जिले में प्रस्तावित है। कर्नाटक का कहना है कि इस बांध के जरिए बेंगलुरु और आसपास के इलाकों को पीने का पानी उपलब्ध कराया जाएगा, साथ ही बिजली उत्पादन और जल भंडारण में भी मदद मिलेगी।
हालांकि, तमिलनाडु सरकार इस परियोजना का लगातार विरोध कर रही है। राज्य का कहना है कि कावेरी जल बंटवारे को लेकर पहले से समझौते और अदालत के आदेश मौजूद हैं। ऐसे में अगर मेकेदातु में बड़ा बांध बनाया गया, तो तमिलनाडु को मिलने वाले पानी की मात्रा प्रभावित हो सकती है। इससे किसानों और सिंचाई व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है।
प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री विजय दिल्ली स्थित तमिलनाडु हाउस भी पहुंचे, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान उन्होंने वहां कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों से भी मुलाकात की।
सूत्रों के मुताबिक, अपने दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विजय उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात कर सकते हैं। इसके अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे से भी उनकी मुलाकात की संभावना जताई जा रही है।




