भोपाल की ट्विशा शर्मा मौत मामला उलझा: दोबारा पोस्टमार्टम की मांग, सास के दावों से नया विवाद
31 वर्षीय ट्विशा शर्मा की मौत का मामला अब और ज्यादा रहस्यमय होता जा रहा है। ट्विशा के परिजनों ने भोपाल कोर्ट में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग करते हुए याचिका दायर की है, जिस पर आज सुनवाई होनी है। परिवार चाहता है कि पोस्टमार्टम दिल्ली स्थित एम्स में कराया जाए, क्योंकि वे भोपाल एम्स की रिपोर्ट पर सवाल उठा चुके हैं।
इस बीच मामले में नया मोड़ तब आया, जब ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने अग्रिम जमानत याचिका में दावा किया कि ट्विशा ड्रग्स की आदी थीं और मानसिक तनाव से गुजर रही थीं। याचिका में यह भी कहा गया कि नशा न मिलने पर उनके हाथ कांपते थे और उनका इलाज मनोवैज्ञानिक के पास चल रहा था। वहीं, ट्विशा के परिवार ने इन आरोपों को पूरी तरह मनगढ़ंत और केस को कमजोर करने की कोशिश बताया है।
पुलिस ने आरोपी पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद उसकी तलाश तेज कर दी है और सूचना देने वाले के लिए 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है, जिसमें महिला अधिकारियों समेत छह सदस्य शामिल हैं।
ट्विशा की मौत 11 मई की रात हुई थी। ससुराल पक्ष के अनुसार, वह छत पर फोन पर बात करने गई थीं और बाद में फंदे से लटकी मिलीं। हालांकि, ट्विशा और उनकी मां के बीच हुई आखिरी व्हाट्सऐप चैट ने मामले को और गंभीर बना दिया है। चैट में ट्विशा ने पति और ससुराल वालों पर मानसिक प्रताड़ना, शक और उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।
परिजनों का आरोप है कि पोस्टमार्टम में कई अहम तथ्यों को नजरअंदाज किया गया और सबूतों से छेड़छाड़ की गई। वहीं पुलिस का कहना है कि व्हाट्सऐप चैट, बयान और फोरेंसिक रिपोर्ट सहित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। बेल्ट की फोरेंसिक रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि कथित आत्महत्या उसी बेल्ट से की गई थी, हालांकि परिवार अब भी कई सवाल उठा रहा है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर ट्विशा के दोस्तों और समर्थकों ने प्रदर्शन कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शादी के महज पांच महीने बाद हुई इस मौत ने पूरे मामले को रहस्य, विवाद और कानूनी लड़ाई के केंद्र में ला दिया है।






