उन्नाव में दो भाजपा विधायक 2.50 करोड़ रुपये कीमत की जमीन को लेकर आमने-सामने आ गए हैं। कानपुर-लखनऊ हाईवे किनारे करीब 6 बीघा जमीन पर कब्जे का विवाद है। सदर विधायक पंकज गुप्ता की बहन और मोहान विधायक ब्रजेश रावत के समर्थक एक दिन पहले आमने-सामने आ गए थे।
पंकज गुप्ता की बहन ने इस जमीन पर पिलर खड़े करा दिए। मंगलवार को मोहान विधायक ब्रजेश रावत समर्थकों के साथ पहुंच गए और पिलर गिरवा दिए। दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस और राजस्व टीम ने मामले को संभाला। पुलिस बल तैनात किया गया है।
विवाद नवीन मंडी के पास ओवरब्रिज ढाल से पहले सर्विस लेन किनारे करीब 6 बीघा जमीन से जुड़ा है। मोहान विधायक ब्रजेश रावत का दावा है कि यह जमीन उन्हें उनके नाना-नानी से मिली थी, जिसमें उनके अलावा उनके दो भाइयों का भी हिस्सा है। सदर विधायक पंकज गुप्ता की बहन दीप्ति गुप्ता ने बगल की जमीन खरीदने के बाद उनकी जमीन पर भी कब्जा करने की कोशिश की है।
ब्रजेश रावत का कहना है कि इस मामले को लेकर वह पहले ही साल 2019 में सिविल कोर्ट जा चुके हैं, जहां संबंधित गाटा संख्या पर स्टे आदेश जारी है। कोर्ट के स्टे आदेश के बावजूद उनकी जमीन पर कब्जे की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि तहसील प्रशासन दबाव में आकर स्टे वाली जमीन की नाप कराने की बात कर रहा है। वहीं, ब्रजेश रावत के भाई राजेश रावत ने सदर कोतवाली और DM को लिखित शिकायत देकर सदर विधायक पंकज गुप्ता और उनकी बहन दीप्ति गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बता दें कि कुछ दिन पहले दीप्ति गुप्ता ने इस जमीन पर कुछ सीमेंटेड पिलर खड़े करवा दिए थे। इस जमीन पर पिलर खड़े किए जाने की सूचना मोहान विधायक को मिली तो वह अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए। वहां पहुंचकर उनके समर्थकों ने कुछ पिलर गिरा दिए। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस और राजस्व टीम मौके पर पहुंची और हालात को काबू किया। प्रशासन ने जमीन की पैमाइश होने तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं और मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
सदर विधायक पंकज गुप्ता ने कहा कि उनका इस पूरे मामले से कोई लेना-देना नहीं है। जमीन को लेकर उनकी बहन और दूसरे पक्ष के बीच विवाद हो सकता है, लेकिन वह खुद इसमें शामिल नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें मंगलवार शाम करीब 4 बजे इस मामले की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने तत्काल DM, SDM और संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष जांच करने को कहा था।
#UttarPradesh #BJP4UP #Unnaoउन्नाव में दो भाजपा विधायक 2.50 करोड़ रुपये कीमत की जमीन को लेकर आमने-सामने आ गए हैं। कानपुर-लखनऊ हाईवे किनारे करीब 6 बीघा जमीन पर कब्जे का विवाद है। सदर विधायक पंकज गुप्ता की बहन और मोहान विधायक ब्रजेश रावत के समर्थक एक दिन पहले आमने-सामने आ गए थे।
पंकज गुप्ता की बहन ने इस जमीन पर पिलर खड़े करा दिए। मंगलवार को मोहान विधायक ब्रजेश रावत समर्थकों के साथ पहुंच गए और पिलर गिरवा दिए। दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस और राजस्व टीम ने मामले को संभाला। पुलिस बल तैनात किया गया है।
विवाद नवीन मंडी के पास ओवरब्रिज ढाल से पहले सर्विस लेन किनारे करीब 6 बीघा जमीन से जुड़ा है। मोहान विधायक ब्रजेश रावत का दावा है कि यह जमीन उन्हें उनके नाना-नानी से मिली थी, जिसमें उनके अलावा उनके दो भाइयों का भी हिस्सा है। सदर विधायक पंकज गुप्ता की बहन दीप्ति गुप्ता ने बगल की जमीन खरीदने के बाद उनकी जमीन पर भी कब्जा करने की कोशिश की है।
ब्रजेश रावत का कहना है कि इस मामले को लेकर वह पहले ही साल 2019 में सिविल कोर्ट जा चुके हैं, जहां संबंधित गाटा संख्या पर स्टे आदेश जारी है। कोर्ट के स्टे आदेश के बावजूद उनकी जमीन पर कब्जे की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि तहसील प्रशासन दबाव में आकर स्टे वाली जमीन की नाप कराने की बात कर रहा है। वहीं, ब्रजेश रावत के भाई राजेश रावत ने सदर कोतवाली और DM को लिखित शिकायत देकर सदर विधायक पंकज गुप्ता और उनकी बहन दीप्ति गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बता दें कि कुछ दिन पहले दीप्ति गुप्ता ने इस जमीन पर कुछ सीमेंटेड पिलर खड़े करवा दिए थे। इस जमीन पर पिलर खड़े किए जाने की सूचना मोहान विधायक को मिली तो वह अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए। वहां पहुंचकर उनके समर्थकों ने कुछ पिलर गिरा दिए। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस और राजस्व टीम मौके पर पहुंची और हालात को काबू किया। प्रशासन ने जमीन की पैमाइश होने तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं और मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
सदर विधायक पंकज गुप्ता ने कहा कि उनका इस पूरे मामले से कोई लेना-देना नहीं है। जमीन को लेकर उनकी बहन और दूसरे पक्ष के बीच विवाद हो सकता है, लेकिन वह खुद इसमें शामिल नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें मंगलवार शाम करीब 4 बजे इस मामले की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने तत्काल DM, SDM और संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष जांच करने को कहा था।
साभार : Swatantra Sagar Ji




