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POCSO Act क्या है? जानिए बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानून, सजा और महत्वपूर्ण प्रावधान

S@S Part 02 POCSO Act क्या होता है==
POCSO का पूरा नाम है —
Protection of Children from Sexual Offences Act, 2012
(बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम, 2012)
#यह कानून बच्चों को यौन शोषण, छेड़छाड़, अश्लीलता और उत्पीड़न से बचाने के लिए बनाया गया है।
यह कानून क्यों बनाया गया?
पहले बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराधों के लिए# अलग से विशेष कानून नहीं था।
#इसलिए 2012 में POCSO Act बनाया गया ताकि:
बच्चों की सुरक्षा हो
👉अपराधियों को कठोर सजा मिले
👉बच्चे की पहचान गोपनीय रखी जाए
👉बच्चे के अनुकूल न्याय प्रक्रिया हो
👉“Child” किसे माना जाता है?
#POCSO में 18 वर्ष से कम आयु के हर लड़का या लड़की को “Child” माना जाता है।
#POCSO में कौन-कौन से अपराध आते हैं?
1. Sexual Harassment (यौन उत्पीड़न)
गंदी बातें, अश्लील इशारे, पीछा करना आदि।
2. Sexual Assault
गलत तरीके से छूना या शारीरिक शोषण।
3. Penetrative Sexual Assault
बलात्कार जैसी गंभीर स्थिति।
4. Aggravated Offence
यदि अपराध:
शिक्षक,
पुलिस,
रिश्तेदार,
डॉक्टर,
या भरोसे वाले व्यक्ति द्वारा किया जाए
तो सजा और कठोर होती है।
5. Child Pornography
बच्चों की अश्लील फोटो/वीडियो बनाना, रखना या फैलाना।
#POCSO में मुख्य प्रावधान
👉FIR दर्ज करना अनिवार्य
👉पुलिस शिकायत लेने से मना नहीं कर सकती।
👉बच्चे की पहचान गोपनीय
नाम, फोटो, पता सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।
👉महिला अधिकारी द्वारा बयान
संभव हो तो बच्चे का बयान महिला पुलिस अधिकारी लेती है।
#Special Court
POCSO मामलों की सुनवाई विशेष अदालत में होती है।
In Camera Trial
सुनवाई बंद कमरे में की जा सकती है ताकि बच्चा सुरक्षित महसूस करे।
#Medical Examination
बच्चे की गरिमा और सुरक्षा का ध्यान रखकर मेडिकल कराया जाता है।
👉सजा का प्रावधान
👉सामान्य अपराध → कई वर्षों की कैद
👉गंभीर अपराध → 20 वर्ष तक या आजीवन #कारावास
कुछ मामलों में कठोर दंड का प्रावधान
झूठी शिकायत पर क्या?
#यदि कोई जानबूझकर झूठा आरोप लगाए तो उसके लिए भी कार्रवाई हो सकती है, लेकिन केवल शिकायत गलत साबित होने से स्वतः झूठा मामला नहीं माना जाता।
#महत्वपूर्ण बात
यदि किसी नाबालिग (18 वर्ष से कम) के साथ उसकी “सहमति” से भी शारीरिक संबंध बनते हैं, तब भी POCSO लागू हो सकता है, क्योंकि कानून में नाबालिग की सहमति मान्य नहीं मानी जाती।
#संक्षिप्त नोट
👉विषय
👉जानकारी
👉कानून
👉POCSO Act, 2012
#उद्देश्य
👉बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा
👉Child की आयु
👉18 वर्ष से कम
#सुनवाई
👉Special Court
👉पहचान
👉गोपनीय
👉सजा
👉कठोर कारावास

साभार : Swatantra Sagar Ji

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Author: sssrknews

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