देशभर में जहां आज दशहरे का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है, वहीं राष्ट्र दो महान विभूतियों — महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री — को उनकी जयंती पर स्मरण कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह सबसे पहले राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की और इसके बाद विजय घाट जाकर पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को नमन किया।
सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर प्रधानमंत्री ने लिखा कि गांधी जयंती, बापू के असाधारण जीवन को नमन करने का अवसर है, जिनके आदर्शों ने मानव इतिहास की धारा बदल दी। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने दिखाया कि साहस और सादगी कैसे बड़े परिवर्तन का माध्यम बन सकते हैं। उनके अनुसार, गांधी सेवा और करुणा की शक्ति को जनसशक्तिकरण का मूल आधार मानते थे।
लाल बहादुर शास्त्री को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने उन्हें ईमानदारी, विनम्रता और दृढ़ संकल्प का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी का नेतृत्व, ‘जय जवान जय किसान’ का आह्वान और निर्णायक कार्यवाही आज भी भारतवासियों में देशभक्ति और आत्मनिर्भरता की प्रेरणा जगाते हैं।
पीएम मोदी ने इस अवसर पर स्वदेशी अपनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय उत्पादों को खरीदना ही गांधी और शास्त्री दोनों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी, क्योंकि स्वदेशी आत्मनिर्भर और विकसित भारत की नींव है।
गौरतलब है कि गांधी का जन्म 1869 में गुजरात में हुआ था और उन्होंने सत्य व अहिंसा के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन को दिशा दी। वहीं, 1904 में उत्तर प्रदेश में जन्मे लाल बहादुर शास्त्री ने प्रधानमंत्री रहते हुए अपने छोटे से कार्यकाल में ही ईमानदारी और दृढ़ नेतृत्व से देश को कठिन समय में मजबूती दी।






