बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बीच आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आज राऊज एवेन्यू कोर्ट में IRCTC घोटाला और लैंड फॉर जॉब (जमीन के बदले नौकरी) मामलों में सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने लालू परिवार सहित कुल 14 आरोपियों पर आरोप तय कर दिए हैं।
IRCTC घोटाला मामला
यह मामला उस वक्त का है जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने IRCTC के दो होटलों के रखरखाव का ठेका एक निजी कंपनी को अनियमित तरीके से दिया था। इस दौरान भ्रष्टाचार और साजिश के आरोप लगे।
सीबीआई ने लालू, राबड़ी और तेजस्वी के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार के मामले दर्ज किए थे। कोर्ट ने IPC की धारा 420 और 120B, साथ ही लालू यादव पर प्रीवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 13(2) और 13(1)(d) के तहत आरोप तय किए हैं।
कोर्ट में जब तीनों से पूछा गया कि क्या वे अपराध स्वीकार करते हैं, तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया और कहा कि वे मुकदमे का सामना करेंगे। राबड़ी देवी ने कहा — “यह केस पूरी तरह गलत है।”
लैंड फॉर जॉब मामला
दूसरा मामला जमीन के बदले नौकरी देने के कथित घोटाले से जुड़ा है। सीबीआई के अनुसार, 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री रहते हुए लालू यादव ने बिहार के कई लोगों को मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर में ग्रुप-डी नौकरियां दिलाईं, बदले में उनसे उनकी जमीनें अपने परिवार या उनसे जुड़ी कंपनियों के नाम करवा लीं।
इस मामले में भी आज कोर्ट में आरोप तय करने पर फैसला आने की संभावना है।






