Daily panchang, मासिक कालाष्टमी व्रत महत्व क्या है एवं आज का आपका राशिफल :
दिनांक – 08 जून 2026
⛅दिन – सोमवार
⛅विक्रम संवत् – 2083
⛅अयन – उत्तरायण
⛅ऋतु – ग्रीष्म
⛅मास – अधिक ज्येष्ठ
⛅पक्ष – कृष्ण
⛅तिथि – अष्टमी प्रातः 03:23 जून 09 तक तत्पश्चात् नवमी
⛅नक्षत्र – शतभिषा सुबह 09:09 तक तत्पश्चात् पूर्व भाद्रपद
⛅योग – विष्कभ सुबह 09:28 तक तत्पश्चात् प्रीति
*⛅राहुकाल – सुबह 07:22 से सुबह 09:03 तक
⛅सूर्योदय – 05:40
*⛅सूर्यास्त – 07:12
⛅दिशा शूल – पूर्व दिशा में
मासिक कालाष्टमी व्रत महत्व क्या है एवं आज का आपका राशिफल आओ जानें
सुख समृद्धि के वास्तुदोष निवारण उपाय
हिंदू धर्म में जीवन के हर पहलू में वास्तु का बहुत महत्व है वास्तु के अनुसार जीवन में किए गए छोटे-छोटे शुभ कार्यों से सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है और व्यक्ति का भाग्य चमकने लगता है जीवन के हर क्षेत्र में सफलता मिलती है साथ ही जीवन आराम और आनंद से व्यतीत होता है घर में सकारात्मक ऊर्जा और धन के लिए कुछ वास्तु उपाय बहुत फायदेमंद माने जाते हैं इन उपायों से जीवन की सभी बाधाएं दूर हो सकती हैं।
तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाएं
तुलसी के पौधे में रोजाना जल चढ़ाने और शाम के समय दीपक जलाने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं धार्मिक मान्यता है कि इससे लोगों को जीवन में कभी आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ता और जीवन सुख-सुविधाओं से भरपूर रहता है।
कुबेर यंत्र स्थापित करें
घर के उत्तर-पूर्व कोने में कुबेर यंत्र स्थापित करना बहुत शुभ माना जाता है वास्तु के अनुसार घर में कुबेर यंत्र रखने से सुख, समृद्धि और खुशहाली आती है लेकिन वास्तु के इन नियमों का पालन करने के साथ-साथ पैसों का प्रबंधन भी सोच-समझकर करें।
गंगाजल छिड़कें
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार घर से दरिद्रता दूर करने के लिए घर के उत्तर-पूर्व कोने में रोजाना गंगाजल छिड़कना चाहिए माना जाता है कि ऐसा करने से घर की सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
धन रखने की दिशा
धन वृद्धि के लिए घर में खजाना रखते समय वास्तु का विशेष ध्यान रखना चाहिए घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में अलमारी या तिजोरी रखने से धन में वृद्धि होती है और व्यक्ति आर्थिक रूप से सुखी और समृद्ध होता है।
इस दिशा में न रखें फर्नीचर
घर की उत्तर-पूर्व दिशा में भारी फर्नीचर या जूते-चप्पल की रैक नहीं रखनी चाहिए इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
यदि आप हमारे द्वारा अपने घर फैक्ट्री ऑफिस फ्लैट प्लाट का वास्तुदोष बिना किसी तोड़फोड़ के आज ही वास्तुदोष निवारण उपाय कराना चाहते हैं,या लड़का लड़की का विवाह नहीं हो पारहा है,कारोबार में बार बार नुकसान होरहा है,फैक्ट्री दुकान नहीं चल रही है, आप किसी बीमारी से परेशान हैं,संतान सुख से परेशान हैं,पितृदोष है,वास्तुदोष है,या कोई प्लाट है या मकान खेत है जो आप बेचना चाहते हैं वो बिक नहीं रहा है किसी भी समस्या समाधान के लिए, हमारे द्वारा बताए गए समाधान के लिए आप स्वयं उपाय करें और समस्या का समाधान होगा
कालाष्टमी व्रत भगवान भैरव के भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह व्रत हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान भैरव की पूजा और उपासना की जाती है। कालाष्टमी को काला अष्टमी भी कहा जाता है। विशेष रूप से, कालभैरव जयंती, जिसे भैरव अष्टमी के रूप में भी जाना जाता है, कालाष्टमी का सबसे महत्वपूर्ण दिन है। ऐसा माना जाता है कि भगवान शिव ने इसी दिन भैरव के रूप में अवतार लिया था।
कालाष्टमी व्रत की तिथि और नियम
कालाष्टमी व्रत का पालन मुख्य रूप से उस दिन किया जाता है जब अष्टमी तिथि रात्रि के समय होती है। यह व्रत सप्तमी तिथि पर भी मनाया जा सकता है यदि धार्मिक शास्त्रों के अनुसार अष्टमी तिथि रात्रि में समाप्त हो। व्रत के दिन भक्त पूरे दिन उपवास रखते हैं और भगवान भैरव की पूजा रात्रि के समय करते हैं।
कालाष्टमी व्रत की पूजा विधि
* स्नान और शुद्धता
* सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और घर को शुद्ध करें।
* भगवान भैरव की पूजा का संकल्प लें।
* भगवान भैरव की पूजा
* भगवान भैरव की मूर्ति या चित्र के सामने दीपक जलाएं।
* उन्हें काले तिल, सरसों का तेल, फूल, और नारियल अर्पित करें।
* भैरव के वाहन श्वान (कुत्ते) को भोजन कराएं, इसे शुभ माना जाता है।
* भजन और पाठ
* कालभैरव अष्टक, शिव चालीसा, या भैरव स्तोत्र का पाठ करें।
* भगवान भैरव के भजनों का गायन करें।
* उपवास और ध्यान
* दिनभर उपवास रखें और तामसिक भोजन से बचें।
* रात्रि में भगवान भैरव का ध्यान और पूजा करें।
* व्रत का समापन
* अगले दिन सुबह अन्न ग्रहण कर व्रत का समापन करें।
कालाष्टमी व्रत के लाभ
* भगवान भैरव की कृपा से जीवन के कष्ट और बाधाएं दूर होती हैं।
* शत्रुओं से रक्षा होती है और भय का नाश होता है।
* आर्थिक समृद्धि और सुख-शांति प्राप्त होती है।
* पापों का नाश और आत्मा की शुद्धि होती है।
* जीवन में आध्यात्मिक उन्नति और ईश्वर के प्रति भक्ति बढ़ती है।
घर में बिमारी न आये क्या करें
दरवाजे पर नीम और आसो के पत्तों का तोरण लगाने से घर में बिमारी नहीं आयेगी ।
वास्तु शास्त्र
न रखे ये तस्वीरें
ताजमहल का चित्र, डूबती हुई नाव या जहाज, फव्वारे, जंगली जानवरों के चित्र और कांटेदार पौधों के चित्र घर में नहीं लगाना चाहिए। इससे मन पर बुरा प्रभाव पड़ता है और लगातार इन चित्रों को देखते रहने से जीवन मे अच्छी घटना बंद हो जाती है।
छोटे बच्चों की तंदुरस्ती बढ़ाने
दूध के १ १/२ घंटे के अन्तराल पे ( पहले या बाद में ) , ३ तुलसी के पत्तों को पीसकर १ बूंद शहद मिलकर बच्चों को चटा दो । इससे तंदुरस्ती बढेगी और पेट की तकलीफ़ भी नहीं होगी ।
आज का आपका राशिफल
मेष राशि : अपनी बातों से लोगों को आकर्षित करेंगे। प्रियजन के साथ समय का सदुपयोग होगा। वाद-विवाद और झगड़े से मानसिक कष्ट बढ़ेगा। बच्चों के व्यवहार से मन में निराशा होगी।
वृष राशि : पारिवारिक सुख व धन बढ़ेगा। वाणी पर संयम रखें। समाज के कामों में उत्साहपूर्वक भाग लेंगे। आज कहीं से रुका धन मिलने के योग है। नौकरी में पदोन्नति के चांस हैं।
मिथुन राशि : निजी जीवन में कठोर निर्णय लेने होंगे। आज पारिवारिक सुख व धन बढ़ेगा। आपकी वाणी पर संयम आवश्यक है। समाज के कामों में उत्साहपूर्वक भाग लेंगे। नौकरी में प्रमोशन मिलने की संभावना है।
कर्क राशि : अपने करियर को लेकर चिंतित रहेंगे। नए काम में शीघ्रता नहीं करें। पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वाह बखूबी कर पाएंगे। कार्यस्थल पर कर्मचारियों की निष्क्रियता के कारण मन अप्रसन्न रहेगा।
सिंह राशि : व्यस्त रहें, मस्त रहें। आप दूसरों की मदद करने में सदैव तैयार रहते है। आज खर्च अनावश्यक रूप से बढ़ेंगे। अपने दु:ख को छुपा रहे हैं। आज खुश खबर मिलने का दिन है।
कन्या राशि : दूसरों की बातों पर जल्द विश्वास कर लेते हैं। आज आर्थिक योग प्रबल है। सामाजिक कार्यों से सुयश एवं प्रभाव में वृद्धि हो सकती है। कार्यस्थल पर किसी नई योजना के बारे में चर्चा होगी।
तुला राशि : आज का दिन आपके लिए अच्छा रहेगा। दूसरों के हित के लिए आप सदैव तत्पर रहते हैं, पर आप को लोगों से निराशा जनक व्यवहार मिलेगा। व्यापार में लाभ होगा। यश, मान, प्रतिष्ठा में वृद्धि के योग हैं। सरकारी कामों में सफलता मिलेगी। आजीविका में वृद्धि होगी।
वृश्चिक राशि : आपकी सूझबूझ और दूरदर्शिता से व्यापार में लाभ होगा। दोस्तों का सहयोग एवं समर्थन मिलेगा। राजनीति में नए संबंध लाभदायी सिद्ध होंगे। आज कार्य आपकी योजनाओं के अनुसार हो सकेंगे।
धनु राशि : क्रोध की अधिकता रहेगी। परिवार में उत्सव का माहौल रहेगा। व्यापार-व्यवसाय पर ध्यान नहीं दे रहे है। समय पर संभल जायें। निजी जीवन में व्यस्तता रहेगी। अपनों पर व्यर्थ में शंका न करें।
मकर राशि : घर गृहस्थी की भागदौड़ में व्यस्त रहेंगे। आप अपना संपर्क बढ़ाने के प्रयास करेंगे। आज का आर्थिक निवेश लाभकारी रहेगा। धन संबंधी काम पूरे होंगे। मानसिक शांति की तलाश में अध्यात्म से जुडऩे का अवसर मिलेगा।
कुम्भ राशि : दूसरों की जीवनशैली देखकर अपना रहन-सहन बदलने के प्रयास करेंगे। व्यापारिक स्थिति आशाजनक रहेगी। जीवनसाथी की भावनाओं को समझें और उन्हें भी समय दें। परोपकार करके मानसिक सुख अर्जित करेंगे। व्यावसायिक नवीन गतिविधियां लाभकारी रहेंगी।
मीन राशि : अपने काम करने के तरीकों को बदलें। घर की साज-सज्जा पर भारी खर्च होने की संभावना है। आज कर्ज लेने से बचना चाहिए। व्यापार में नई योजनाओं का प्रारंभ होगा। पारिवारिक व मांगलिक कार्य की योजना बनेगी।
किस ग्रह के लिए क्या उपाय करें
सूर्य – सूर्य को झूठ पसंद नहीं है। इसलिए झूठ से बचें। अगर आप झूठ से दूर रहते हैं तो सूर्य अपने आप आपको बेहतर परिणाम देने लगेगा।
चंद्रमा – अगर चंद्रमा से शुभफल चाहिए तो आपको अपने आसपास सफाई का ध्यान रखना चाहिए। गंदगी राहु का प्रतीक है, चंद्रमा को सबसे ज्यादा डर राहु का होता है। अगर आप सफाई पसंद हैं तो चंद्रमा और राहु दोनों ही कभी बुरा असर नहीं देंगे।
मंगल – अगर कुंडली में मंगल खराब है तो साल में एक-दो बार रक्तदान जरूर करें। अपने भाइयों से संबंध अच्छे रखें।
बुध – बुध एक नपुंसक ग्रह है। किन्नरों का सम्मान करें। अगर आप किन्नरों का अपमान करते हैं तो बुध आपको बुरा असर देता है।
गुरु – गुरु बड़ों के सम्मान का प्रतीक है। अगर गुरु का शुभ प्रभाव चाहिए तो अपने गुरु और अपने से बड़े लोगों का अपमान कभी ना करें।
शुक्र – ये नारी का प्रतीक ग्रह है। जो लोग स्त्री का अपमान करते हैं या उनको बुरी नजर से देखते हैं उनको शुक्र बुरा असर देता है। इसलिए स्त्री का सम्मान करने की आदत डालें।
शनि – शनि श्रम और न्याय का देवता है। अगर आप अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं करते हैं, गरीब लोगों का अपमान करते हैं तो शनि बुरा असर दिखाता है। इसलिए शनि का अच्छा फल पाने के लिए अपने अधीनस्थ कर्मचारियों का सहयोग करें।



