दिल्ली होटल अग्निकांड: कुक की लापरवाही से भड़की थी आग? पूछताछ में सामने आई अहम जानकारी
नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में लगी भीषण आग में 22 लोगों की मौत के मामले में जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। पुलिस पूछताछ में होटल के कुक (रसोइये) नेगी की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। अधिकारियों के अनुसार, करीब छह घंटे तक चली पूछताछ के बाद शनिवार को उसे हिरासत में ले लिया गया।
इलेक्ट्रिक स्टोव में विस्फोट का दावा
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नेगी ने पूछताछ में बताया कि बुधवार सुबह वह रसोई में खाना बना रहा था। इसी दौरान इलेक्ट्रिक स्टोव चालू करने के कुछ समय बाद उसमें अचानक विस्फोट हो गया, जिससे आग भड़क उठी। उसका दावा है कि आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरी इमारत इसकी चपेट में आ गई।
फॉरेंसिक रिपोर्ट से होगा दावों का मिलान
पुलिस अब कुक के बयान की जांच फायर विभाग और फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट के आधार पर करेगी। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में कुक की लापरवाही की आशंका सामने आई है। यह भी जांच की जा रही है कि आग लगने के बाद क्या उसने घबराकर इमारत की मुख्य बिजली आपूर्ति बंद कर दी थी, जिसके कारण इलेक्ट्रॉनिक लॉक सिस्टम निष्क्रिय हो गया।
इलेक्ट्रॉनिक लॉक सिस्टम बना मौत का कारण?
जांच एजेंसियों का मानना है कि बिजली बंद होने के बाद इलेक्ट्रॉनिक लॉक सिस्टम काम करना बंद कर गया, जिससे कई निकास मार्ग बंद हो गए। इसी वजह से होटल में फंसे कई लोग समय रहते बाहर नहीं निकल सके और हादसे में उनकी जान चली गई।
कर्मचारियों के बयान दर्ज कर रही पुलिस
पुलिस अब उन सभी कर्मचारियों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर रही है, जो आग लगने के समय होटल में मौजूद थे। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों का क्रॉस-वेरिफिकेशन किया जा रहा है ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
फरार मैनेजर की तलाश जारी
इस भीषण अग्निकांड के बाद पुलिस होटल के कई कर्मचारियों से पूछताछ कर चुकी है। वहीं, 65 वर्षीय रसोइये को गिरफ्तार कर लिया गया है। दूसरी ओर, होटल का प्रबंधक अभी फरार बताया जा रहा है और उसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
22 लोगों की गई जान
बुधवार को हुए इस दर्दनाक हादसे में 22 लोगों की मौत हो गई थी। शुरुआती जांच में आग की शुरुआत होटल के किचन या उसके आसपास के हिस्से से होने के संकेत मिले हैं। हालांकि, आग लगने के सही कारणों का खुलासा फॉरेंसिक और पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।



