India vs England Test Series: भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैचों की सीरीज की शुरुआत हो चुकी है। हालांकि, सीरीज का पहला मुकाबला भारत के लिए निराशाजनक रहा, जहां लीड्स में खेले गए मैच में टीम को 5 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। लेकिन इस मुकाबले की खास बात यह रही कि भले ही नतीजा भारत के पक्ष में नहीं रहा, फिर भी एक ऐसा कारनामा हुआ जो अब तक किसी भारत-इंग्लैंड टेस्ट में देखने को नहीं मिला था। साथ ही करीब 35 साल
भारत और इंग्लैंड के बीच पहला टेस्ट मुकाबला 1932 में खेला गया था
भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट क्रिकेट का इतिहास काफी पुराना है, जिसकी शुरुआत साल 1932 में हुई थी। तब से अब तक दोनों टीमें एक-दूसरे के देश में जाकर कई यादगार मुकाबले खेल चुकी हैं। लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ था कि किसी एक टेस्ट मैच में दोनों टीमों ने मिलकर इतने ज्यादा रन बनाए हों, जितने हाल ही में लीड्स टेस्ट में बने। इससे पहले इतने रन कभी नहीं बने थे। अब हम आपको बताते हैं कि इस मुकाबले में कितने रन बने, लेकिन उससे पहले जान लें कि पिछला रिकॉर्ड क्या था।
1990 में मेनचेस्टर टेस्ट में बना था रन बनाने का पिछला रिकॉर्ड
साल 1990 में जब भारतीय टीम इंग्लैंड दौरे पर गई थी, तब मेनचेस्टर में खेले गए टेस्ट मैच में दोनों टीमों ने मिलकर कुल 1614 रन बनाए थे। चार पारियों में कुल 30 विकेट गिरे थे और मुकाबला ड्रॉ पर खत्म हुआ था। इंग्लैंड की पहली पारी में ग्राहम गूच, माइकल अर्थटन और रॉबिन स्मिथ ने शानदार शतक लगाए थे, जबकि भारत की ओर से मोहम्मद अजहरुद्दीन ने 179 रनों की जबरदस्त पारी खेली थी। दूसरी पारी में इंग्लैंड की ओर से ऐलन लैम्ब ने शतक जड़ा, वहीं भारत के युवा बल्लेबाज़ सचिन तेंदुलकर ने 119 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली थी।
पुराना एक रिकॉर्ड भी इस मैच में टूट गया।
भारत बनाम इंग्लैंड टेस्ट में पहली बार बना रन का नया रिकॉर्ड
साल 1990 के बाद से अब तक भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए किसी भी टेस्ट मुकाबले में इतनी बड़ी संख्या में रन कभी नहीं बने थे—चाहे मैच भारत में हुआ हो या इंग्लैंड में। लेकिन इस बार के मुकाबले में एक नया इतिहास रच दिया गया। दोनों टीमों ने मिलकर कुल 1673 रन बनाए, जो भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा संयुक्त स्कोर है।
इस मैच में दोनों ओर से कई शतक देखने को मिले, बल्लेबाज़ों का दबदबा पूरी तरह हावी रहा। खास बात ये रही कि इतने बड़े स्कोर और दमदार बल्लेबाज़ी प्रदर्शन के बावजूद मुकाबले का नतीजा भी निकला—वो भी बेहद स्पष्ट और एकतरफा तरीके से। यह रिकॉर्ड न सिर्फ रन के लिहाज़ से खास है, बल्कि टेस्ट क्रिकेट के रोमांच को भी दर्शाता है।






