पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की पत्नी हिलेरी क्लिंटन ने अपनी किताब “हार्ड चॉइसेस” में एक चौंकाने वाला किस्सा साझा किया है।
द्वितीय विश्व युद्ध शुरू होने के कुछ ही हफ़्तों बाद, एक रूसी सैनिक को छुट्टी मिली। वह जैसे ही अपने गाँव पहुँचा, सामने का मंजर देख दंग रह गया। गाँव दुश्मनों की बमबारी का शिकार हो चुका था। चारों ओर तबाही फैली थी, सैकड़ों लाशें बिखरी पड़ी थीं और उन्हें सामूहिक कब्र में दफनाने की तैयारी चल रही थी।
सैनिक स्तब्ध खड़ा था कि तभी उसकी नज़र एक महिला के पैरों में पड़े जूतों पर पड़ी। ये वही जूते थे जो उसने हाल ही में अपनी पत्नी के लिए खरीदे थे। घबराकर वह घर दौड़ा, लेकिन घर खाली था। वह वापस लौटा और शवों की तलाश करने लगा। तभी उसे अपनी पत्नी का शव मिला।
गहरे सदमे में डूबा सैनिक अधिकारियों से विनती करने लगा कि वह अपनी पत्नी को सामूहिक कब्र में नहीं, बल्कि अलग से दफनाना चाहता है। इजाज़त मिलने के बाद जैसे ही उसने पत्नी का शव वाहन से बाहर निकाला, उसकी आँखें फटी की फटी रह गईं—वह अभी भी ज़िंदा थी!
तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के बाद उसकी पत्नी मौत के मुँह से वापस लौट आई। कुछ सालों बाद वही महिला गर्भवती हुई और एक बेटे को जन्म दिया। जन्म के समय गवाहों ने उस बच्चे का नाम रखा—व्लादिमीर पुतिन।
जी हाँ, यही वह नाम है जिसे आज पूरी दुनिया जानती है। रूस के वर्तमान राष्ट्रपति पुतिन, जिनकी माँ कभी सामूहिक कब्र में दफनाई जाने वाली थीं।



