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SIR के दूसरे चरण की घोषणा पर कांग्रेस का विरोध, बोली — “12 राज्यों में करोड़ों वोट प्रभावित होंगे”

नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के दूसरे चरण की घोषणा की। आयोग के अनुसार, बिहार के बाद अब कुल 12 राज्यों — जिनमें 9 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं — में यह विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। यह प्रक्रिया 28 अक्टूबर से शुरू होकर 7 फरवरी तक चलेगी।

कांग्रेस ने जताया कड़ा विरोध

चुनाव आयोग की इस घोषणा पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा,

“चुनाव आयोग अब 12 राज्यों में ‘वोट चोरी’ का खेल खेलने जा रहा है। बिहार में SIR के दौरान 69 लाख वोट काटे गए थे, और अब 12 राज्यों में करोड़ों वोट काटे जाएंगे। यह नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग की मिलीभगत से की जा रही खुली ‘वोट चोरी’ है।”

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बिहार में हुए SIR के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाता सूची में हेरफेर हुआ था, जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने भी चुनाव आयोग को फटकार लगाई थी।

“लोकतंत्र के खिलाफ साजिश” — कांग्रेस

कांग्रेस ने आगे कहा कि देशभर में मतदाता सूची में हेरफेर के कई मामले सामने आ रहे हैं।

“कहीं साजिश के तहत वोट जोड़े जा रहे हैं, तो कहीं काटे जा रहे हैं। चुनाव आयोग को इसकी जांच करनी चाहिए थी, लेकिन वह खुद ‘वोट चोरी’ के खेल में शामिल हो गया है। 12 राज्यों में होने वाला SIR लोकतंत्र और जनता के अधिकारों के खिलाफ एक षड्यंत्र है।”

तीन राज्यों में SIR के खिलाफ विरोध

घोषणा के बाद तीन राज्यों — पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल — में विरोध तेज हो गया है। ये तीनों राज्य इंडिया गठबंधन से जुड़े दलों की सरकारों वाले हैं।

  • पश्चिम बंगाल: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की टीएमसी सरकार ने घोषणा की है कि 2 नवंबर को कोलकाता में SIR के विरोध में विशाल रैली निकाली जाएगी।
  • तमिलनाडु: मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने SIR को “साजिशों का जाल” बताया है।
  • केरल: राज्य सरकार ने भी SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे जनादेश के साथ छेड़छाड़ करार दिया है।

???? कुल मिलाकर, चुनाव आयोग की इस नई घोषणा ने देश में एक राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है — एक ओर आयोग इसे मतदाता सूची की पारदर्शिता का कदम बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे लोकतंत्र पर हमला मान रहा है।

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Author: sssrknews

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