देशभर में ऑनलाइन ठगी के शिकार लोगों को बड़ी राहत: अब 1 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी पर तुरंत दर्ज होगी ई-एफआईआर
देश में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच सरकार ने पीड़ितों को राहत देते हुए एक नई व्यवस्था लागू की है। अब यदि किसी व्यक्ति से 1 लाख रुपये या उससे अधिक की ऑनलाइन ठगी होती है, तो उसकी एफआईआर तुरंत ऑनलाइन दर्ज होगी। यह नई व्यवस्था 1 नवंबर से पूरे देश में लागू हो गई है।
पहले यह सुविधा केवल 10 लाख रुपये से अधिक की ठगी के मामलों में उपलब्ध थी, लेकिन अब सीमा घटाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है। इसके तहत पीड़ितों को अब थाने के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। शिकायत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या cybercrime.gov.in वेबसाइट के माध्यम से दर्ज की जा सकती है।
दिल्ली में हर दिन 300 से ज्यादा साइबर ठगी के मामले
दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, राजधानी में रोजाना 300 से अधिक साइबर फ्रॉड केस दर्ज होते हैं, जिनमें से कई में रकम एक लाख से अधिक होती है। अब ऐसे मामलों में एफआईआर स्वतः दर्ज हो जाएगी, जबकि 1 लाख रुपये से कम के मामलों में शिकायत पहले की तरह संबंधित थाने या साइबर सेल में दर्ज करनी होगी।
कार्रवाई होगी तेज, अपराधियों के खाते तुरंत फ्रीज
स्पेशल सीपी (क्राइम) देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत अब शिकायत मिलते ही बैंक खातों को तुरंत फ्रीज किया जा सकेगा, जिससे ठगों को पकड़ना आसान होगा। पीड़ित न सिर्फ फोन या ऑनलाइन माध्यम से, बल्कि नजदीकी थाने में जाकर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
हर थाने में होगा कॉल ट्रैकिंग सिस्टम
संयुक्त आयुक्त (आईएफएसओ) रणनीश गुप्ता के अनुसार, अब दिल्ली के 15 जिलों के सभी 225 थानों में ड्यूटी अफसर कॉल ट्रैकर की भूमिका निभाएंगे। इससे प्रत्येक कॉल की निगरानी और उस पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित होगी। यह कदम गृह मंत्रालय के निर्देश पर उठाया गया है।
डिजिटल और नागरिक-अनुकूल पुलिसिंग की दिशा में कदम
दिल्ली पुलिस प्रवक्ता संजय त्यागी ने बताया कि यह पहल डिजिटल और पारदर्शी पुलिसिंग की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। इससे साइबर अपराधों पर तेजी से नकेल कसने में मदद मिलेगी और पीड़ितों को समय पर राहत मिल सकेगी।






