संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो गया, लेकिन पहले ही दिन सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। बता दें कि यह सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा, जिसके दौरान लोकसभा और राज्यसभा—दोनों की कुल 15-15 बैठकें प्रस्तावित हैं।
विपक्ष का हंगामा और सरकार की चर्चा की इच्छा
सत्र की शुरुआत होते ही विपक्षी सदस्य दोनों सदनों के वेल में पहुँच गए और जोरदार नारेबाज़ी करने लगे। विपक्ष SIR, आंतरिक सुरक्षा और लेबर कोड जैसे अहम मुद्दों पर तत्काल चर्चा की मांग कर रहा था। वहीं सरकार ‘वंदे मातरम्’ पर चर्चा कराने के पक्ष में थी।
हंगामे के बीच मणिपुर GST बिल पारित
लगातार शोर-शराबे के बीच भी सरकार ने सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में मणिपुर GST बिल पेश किया, जिसे विपक्ष के विरोध और हंगामे के बावजूद बिना चर्चा के ही पारित कर दिया गया। माहौल अत्यधिक उत्तेजित होने के कारण अंततः दोनों सदनों की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
पीएम मोदी पर अखिलेश यादव का पलटवार
सत्र शुरू होने से ठीक पहले पीएम मोदी ने विपक्ष से “ड्रामा नहीं, डिलीवरी पर फोकस” करने की अपील की थी। सत्र के पहले ही दिन अखिलेश यादव ने इस टिप्पणी पर पलटवार करते हुए कहा, “ड्रामा कौन करता है, यह सबको पता है”। इस बयानबाज़ी से संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में भी पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक जारी रहने वाली है।






