दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने विधानसभा में विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सदन में चर्चा करने के बजाय सड़क पर बैठना उन्होंने ज्यादा सही समझा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “ईश्वर करे कि वे अगली बार भी सड़क पर ही रहें।” इस दौरान उन्होंने Arvind Kejriwal और आम आदमी पार्टी की नीतियों पर भी सवाल उठाए।
सीएम ने बजट को लेकर विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि दिल्ली में 1999 से ही बजट के लिए कर्ज लिया जाता रहा है। उनका दावा था कि AAP सरकार के दौरान हर साल भारी ब्याज दरों पर लोन लिया गया।
रेखा गुप्ता ने आगे कहा कि पिछली सरकार के समय लिए गए करीब 47 हजार करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ वर्तमान सरकार उठा रही है, जिसमें से लगभग 27 हजार करोड़ रुपये अभी भी बकाया हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि AAP सरकार ने कई जरूरी योजनाओं के भुगतान नहीं किए, जिन्हें अब उनकी सरकार पूरा कर रही है। इसमें मेट्रो प्रोजेक्ट, अस्पताल निर्माण, स्कूलों के विकास, बच्चों के पुरस्कार, SC-ST छात्रों की ट्यूशन फीस और सरकारी कॉलेजों के बकाया फंड शामिल हैं। इसके अलावा कोविड-19 के दौरान जान गंवाने वाले सरकारी कर्मचारियों के परिवारों को भी अब उनकी सरकार सहायता दे रही है।
उन्होंने दिल्ली परिवहन निगम (DTC) और जल बोर्ड की वित्तीय स्थिति पर भी चिंता जताते हुए कहा कि DTC को 99 हजार करोड़ रुपये और जल बोर्ड को 91 हजार करोड़ रुपये के घाटे में पहुंचा दिया गया।
अरविंद केजरीवाल पर सीधा हमला करते हुए रेखा गुप्ता ने कहा कि वे दिल्ली के लिए “टीबी की बीमारी” की तरह बन गए थे, जो लंबे समय तक शहर पर बोझ बने रहे। उन्होंने शिक्षा मॉडल पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि AAP सरकार के दौरान स्कूलों में छात्रों के दाखिले लगातार घट रहे थे।
अंत में उन्होंने कहा कि दिल्ली की बेटियों को राजनीतिक प्रचार के लिए बाहर भेजने के बजाय उन्हें शिक्षा और प्रगति के अवसर मिलने चाहिए।



