सोशल मीडिया पर इन दिनों उत्तराखंड के दो प्रतिभाशाली भाइयों की उपलब्धि खूब सुर्खियां बटोर रही है। उन्होंने गाय के गोबर से एक ऐसा प्राकृतिक गैस सिलेंडर तैयार किया है, जो ग्रामीण इलाकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इस अनोखे सिलेंडर में 18 किलो गोबर गैस भरी होती है और इसका कुल वजन लगभग 30 किलो है, जिसकी कीमत मात्र ₹500 रखी गई है। जहाँ बाजार में एलपीजी की कीमतें आसमान छू रही हैं, वहीं यह सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प लोगों को आत्मनिर्भर बना रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, ‘गोवर्धन’ योजना जैसी सरकारी पहलों के बीच ऐसे नवाचार न केवल कचरा प्रबंधन में मदद करते हैं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी सहायक हैं। हालांकि यह तकनीक अभी विकास के चरणों में है, लेकिन इसकी सरलता और कम लागत ने पूरे भारत में ऊर्जा संकट के समाधान की एक नई उम्मीद जगा दी है।






