मुंबई में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने एलपीजी गैस की कालाबाजारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से स्टोर किए गए 451 सिलेंडर जब्त किए हैं। यह कार्रवाई शुक्रवार को वाडीबंदर ब्रिज और डोंगरी इलाके में की गई, जहां से 8 वाहन भी कब्जे में लिए गए। अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए अधिकांश 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर बिना लाइसेंस के अवैध रूप से भंडारित और परिवहन किए जा रहे थे। बरामद सामग्री की कुल कीमत करीब 40.61 लाख रुपये आंकी गई है।
बताया गया कि यह छापेमारी नियंत्रक खाद्य वितरण एवं नागरिक आपूर्ति निदेशक चंद्रकांत डांगे को मिली विशेष सूचना के आधार पर की गई। कार्रवाई विशेष टीम ने गणेश बेल्लाळे, माधुरी शिंदे और प्रदीप यादव के नेतृत्व में अंजाम दी। जांच के दौरान ‘जय हिंद गैस एजेंसी’ पर सरकारी नियमों के उल्लंघन और अवैध भंडारण के आरोप सामने आए। एजेंसी की मालिक नजमा सनारुल मंडल और संचालक सनारुल रहमतुल्ला मंडल के खिलाफ डोंगरी पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है।
वहीं, दिल्ली में प्रवासी मजदूरों को राहत देने के लिए सरकार ने 5 किलो के छोटे एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता बढ़ाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, केंद्र सरकार ने प्रवासी मजदूर श्रेणी में इन सिलेंडरों के आवंटन को 100 प्रतिशत तक बढ़ाने की मंजूरी दी है, जिसके बाद दिल्ली में इनकी दैनिक उपलब्धता 684 से बढ़ाकर 1,368 कर दी गई है।
सरकार ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे उन क्षेत्रों में विशेष शिविर आयोजित करें जहां प्रवासी मजदूरों की संख्या अधिक है, ताकि इस सुविधा का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके। ये शिविर तेल विपणन कंपनियों और उनके अधिकृत एलपीजी वितरकों के सहयोग से लगाए जाएंगे।
प्रवासी मजदूर इन शिविरों में ‘आधार कार्ड’ दिखाकर 5 किलो के गैस सिलेंडर प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही, जिला प्रवर्तन टीमें पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगी और मांग का आकलन करेंगी, ताकि वितरण व्यवस्था पारदर्शी और सुचारु बनी रहे। यदि किसी मजदूर को गैस सिलेंडर प्राप्त करने में दिक्कत होती है, तो वह अपने क्षेत्र में शिविर लगवाने के लिए संबंधित जिलाधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकता है।






