बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने शुक्रवार को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली और इसके साथ ही अपने लंबे राजनीतिक सफर में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल कर लिया। वे पहले दो बार विधानसभा, चार बार विधान परिषद और छह बार लोकसभा के सदस्य रह चुके हैं। 30 मार्च को उन्होंने विधान परिषद से इस्तीफा दिया था। नीतीश कुमार पहले ही कह चुके थे कि वे देश के चारों सदनों का हिस्सा बनना चाहते हैं, इसी उद्देश्य से उन्होंने राज्यसभा का रुख किया।
उनके राज्यसभा में आने पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए एक विशेष संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार देश के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक हैं और सुशासन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की व्यापक सराहना हुई है। पीएम मोदी ने बिहार के विकास में उनके योगदान को उल्लेखनीय बताया और विश्वास जताया कि उनके अनुभव से संसद की गरिमा और मजबूत होगी।
इधर, बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। दिल्ली में बीजेपी कोर ग्रुप की बैठक प्रस्तावित है, जिसमें मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार पर फैसला लिया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, इस बार बिहार में बीजेपी का मुख्यमंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि अंतिम निर्णय अभी बाकी है।
आगे की राजनीतिक प्रक्रिया के तहत 13 अप्रैल को बिहार कैबिनेट की बैठक होगी। 14 अप्रैल को नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं और उसी दिन एनडीए विधायक दल की बैठक भी प्रस्तावित है। वहीं, 15 अप्रैल को पटना के गांधी मैदान में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होने की संभावना है।






