नासिक में TCS का बड़ा फैसला: आरोपों के बीच सभी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम
नासिक में Tata Consultancy Services (TCS) ने अपने यूनिट के करीब 150 कर्मचारियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ करने के निर्देश दिए हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया कि अब ऑफिस परिसर से कोई भी कामकाज नहीं होगा। यह कदम कर्मचारियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, क्योंकि यहां यौन उत्पीड़न और कथित जबरन धर्मांतरण के आरोप सामने आए हैं।
जांच के लिए कई एजेंसियों से संपर्क
मामले की जांच कर रही नासिक पुलिस ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Investigation Agency), आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) और राज्य की खुफिया इकाइयों को पत्र लिखकर सहयोग मांगा है। पुलिस कमिश्नर संदीप कर्णिक के मुताबिक, सोशल मीडिया पर चल रही उन आशंकाओं की भी जांच की जा रही है, जिनमें संभावित चरमपंथी संबंध या विदेशी फंडिंग की बात कही जा रही है। हालांकि, अब तक ऐसे किसी दावे की पुष्टि करने वाला कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।
अधिकारियों के अनुसार, कर्मचारियों की शिकायतों के आधार पर अब तक नौ FIR दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें यौन उत्पीड़न, धमकी देने और जबरन धर्म परिवर्तन के प्रयासों के आरोप शामिल हैं।
गिरफ्तारियां और आरोप
पुलिस ने इस मामले में अब तक छह कर्मचारियों और एक असिस्टेंट जनरल मैनेजर को गिरफ्तार किया है, जबकि एक महिला आरोपी अभी फरार बताई जा रही है। जांच में सामने आया है कि कुछ आरोपी सुपरवाइजरी पदों पर थे और उन्होंने कथित रूप से अपने पद का दुरुपयोग कर जूनियर कर्मचारियों को निशाना बनाया।
HR की भूमिका भी जांच के दायरे में
इस मामले में एक वरिष्ठ HR अधिकारी समेत कुछ महिला कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में है। आरोप है कि उन्होंने एक शिकायतकर्ता को अपनी शिकायत आगे बढ़ाने से हतोत्साहित किया और मामले को आंतरिक स्तर पर दबाने की कोशिश की। पुलिस इस पहलू की भी गहराई से जांच कर रही है।






