मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संसद में महिला सशक्तिकरण से जुड़े विधेयक के पास न हो पाने पर कांग्रेस पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कांग्रेस की नीयत पर सवाल उठाते हुए लिखा कि पार्टी की महिला विरोधी सोच एक बार फिर सामने आ गई है। उन्होंने इस स्थिति को निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इतने अहम विधेयक को पारित न होने देना गंभीर चिंता का विषय है।
इस मुद्दे पर राजनीति ठीक नहीं
सीएम यादव ने कहा कि यह घटना देश की माताओं और बहनों के अधिकारों और सम्मान के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं के सशक्तिकरण जैसे विषय पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और समय आने पर जवाब जरूर देगी।
कांग्रेस पर सीधा आरोप
अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा, “कांग्रेस की महिला विरोधी मानसिकता आज फिर उजागर हुई है। संसद में महिला सशक्तिकरण से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयक को पास न होने देना बेहद निंदनीय है। यह देश की महिलाओं के अधिकारों के प्रति असंवेदनशीलता को दिखाता है। जनता इसका जवाब समय पर देगी।”
बहुमत के अभाव में गिरा बिल
लोकसभा में हुए मतदान के दौरान कुल 528 सदस्य मौजूद थे, जिनमें से 298 ने बिल के पक्ष में और 230 ने विरोध में वोट दिया। हालांकि, बिल को पारित होने के लिए दो-तिहाई बहुमत यानी 352 वोटों की जरूरत थी, लेकिन पर्याप्त समर्थन न मिलने के कारण यह बिल 54 वोटों से गिर गया। सरकार ने इसके साथ अन्य दो संबंधित विधेयकों पर वोटिंग नहीं कराई, क्योंकि वे आपस में जुड़े हुए थे। विपक्ष ने खास तौर पर परिसीमन से जुड़े प्रस्ताव पर आपत्ति जताई थी, जिसमें लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने की बात कही गई थी।





