अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई का फैसला उन्होंने खुद लिया, न कि इज़रायल के कहने पर। ट्रंप के अनुसार, उनका यह कदम 7 अक्टूबर को हमास द्वारा इज़रायल पर किए गए हमले और ईरान की कथित भूमिका के चलते उठाया गया।
Truth Social पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने कहा कि वे लंबे समय से मानते हैं कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए, और यही उनकी नीति का आधार है। उन्होंने मीडिया पर भी निशाना साधते हुए कई रिपोर्ट्स को “फेक” और “मनगढ़ंत” बताया।
ट्रंप ने चेतावनी भरे अंदाज़ में कहा कि यदि ईरानी नेतृत्व ने समझदारी नहीं दिखाई, तो उनका हाल वेनेजुएला जैसा हो सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर ईरान में सत्ता परिवर्तन होता है और नया नेतृत्व सहयोगी रुख अपनाता है, तो देश का भविष्य बेहतर हो सकता है।
दरअसल, ट्रंप पर विपक्ष और कुछ अमेरिकी मीडिया यह आरोप लगा रहे थे कि उन्होंने इज़रायल के दबाव में आकर यह टकराव शुरू किया। इन आरोपों के जवाब में उन्होंने साफ किया कि यह फैसला पूरी तरह उनका अपना था और इसका उद्देश्य अमेरिका की सुरक्षा और रणनीतिक हितों की रक्षा करना है।






