………तुम्हें क्या लगा था…कि अवैध के नाम पर वो सिर्फ सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनी झुग्गी झोपड़ियां हटाएगा….नहीं….अवैध मतलब अवैध…चाहे झुग्गी हो चाहे कोठी….
……दिल्ली जीमखाना क्लब सिर्फ एक क्लब नहीं है…ये गुलामी की वो इमारत है जिसे अंग्रेजों ने अपनी मौज मस्ती के लिए 1913 मे बनाई थी….अंग्रेज अफसरों…सैन्य अधिकारियों और एलीट क्लास के लिए एक अलग दुनिया….जहां ऐयाशी के सारे इंतजाम मौजूद हैं….जिसमें भारतीयों का प्रवेश ना के बराबर…….कायदे से आजादी के बाद ही इस पर बुलडोजर चला देना चाहिए था….लेकिन चलाता कौन….नेहरू तो खुद इस क्लब के मेंबर थे….और अब कॉंग्रेस के युवराज भी इसके मेंबर हैं…..
….दिल्ली जीमखाना क्लब लगभग 30 एकड़ में फैला…दिल्ली के सबसे पॉश एरिया लुटियंश जोन मे आता है….
* इसकी सदस्यता शुल्क- 30 लाख रुपए.
* सदस्यता लेने के बाद भी 37 साल की वेटिंग.
* सरकार को सालाना किराया सिर्फ 1000/- रुपए.
* टोटल tax बकाया…लगभग 3 करोड़.
* लोकेशन…भारत के PM हाउस के और भारत के सबसे सम्वेदनशील सरकारी और रक्षा प्रतिष्ठानों के बेहद करीब….वो इलाक़ा जिसे भारत का Power Nerve Centre माना जाता है.
…….अब सरकार ने इसे 5 जून तक का समय दिया है….और अपने आदेश मे साफ़ कहा है कि…Defence Infrastructure और Public safety के लिए चाहिए….
….बधाई हो…5 जून को गुलामी की एक और निशानी ढह जाएगी.
मोदी हैं तो मुमकिन है
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