हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या मामले में जांच जारी है। मंगलवार को चंडीगढ़ स्थित उनके आवास पर गोली लगने से हुई मौत के बाद अब आठ पन्नों का सुसाइड नोट सामने आया है, जिसने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। इस सुसाइड नोट में उन्होंने अपनी मौत के लिए डीजीपी, एडीजीपी और एसपी रैंक के करीब दस अधिकारियों को जिम
सुसाइड नो
पूरन कुमार ने अपने सुसाइड नोट में डीजीपी शत् और पूर्मनोज यादव पर गंभसं, कला रामच, अमि, सं,पंकज नैन, पूर्व डप, आईपीएशिबास और पूर्व मटी.वी.एस के नमानसिक प के च
‘मानसिक उत्पीड़न’ का उल्लेख
आठ पन्नों के इस टाइप और हस्ताक्षरित नोट में पूरन कुमार ने अपने करियर के दौरान झेले गए दबाव और परेशानियों का विस्तार से जिक्र किया है। उन्होंने लिखा कि कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से लगातार मानसिक उत्पी
पत्नी भी हैं आईएएस अधिकारी
पूरन कुमार की पत्नी अमनीत पी. कुमार हरियाणा कैडर की आईएएस अधिकारी हैं और राज्य सरकार के विदेश सहयोग विभाग में आयुक्त-सह-सचिव पद पर कार्यरत हैं। घटना के समय वे मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व में जापान दौरे पर थीं और बुधवार को भारत लौटीं।
कौन थे वाई. पूरन कुमार?
52 वर्षीय वाई. पूरन कुमार 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी थे। हाल ही में उन्हें पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (PTC), सुनारिया, रोहतक में महानिरीक्षक (IG) के पद पर तैनात किया गया था। इससे पहले वे रोहतक रेंज के आईजी रहे और अंबाला, रोहतक व कुरुक्षेत्र समेत कई जिलों में सेवाएं दे चुके थे। उन्होंने इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया था और उनकी सेवानिवृत्ति मई 2033 में निर्धारित थी। उनका शव चंडीगढ़ के सेक्टर 11 स्थित घर के बेसमेंट में मिला, जहां से पुलिस ने एक वसीयत और सुसाइड नोट बरामद किया।
रिश्वतखोरी का एंगल भी जांच में
मामले से जुड़ा एक और पहलू तब सामने आया जब रोहतक के एक शराब ठेकेदार ने आरोप लगाया कि हेड कांस्टेबल सुशील कुमार ने पूरन कुमार के नाम पर ₹2.5 लाख की रिश्वत मांगी थी। इस शिकायत के बाद सुशील कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस इस मामले की भी जांच कर रही है कि क्या इसका संबंध आईपीएस पूरन कुमार की आत्महत्या से है।






