नई दिल्ली: पश्चिमी दिल्ली के टोडापुर स्थित रामलीला मैदान में बुधवार को आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली जल बोर्ड की 2,100 करोड़ रुपये से अधिक की जल एवं सीवर परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उनकी सरकार केवल घोषणाएं नहीं करती, बल्कि तय समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी हों, ताकि जनता को जल्द लाभ मिल सके।
कार्यक्रम में नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज, जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, राजेंद्र नगर के विधायक उमंग बजाज सहित कई जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
लाखों लोगों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और आधुनिक सीवर प्रणाली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। शुरू की गई परियोजनाएं जल आपूर्ति बढ़ाने, सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता मजबूत करने और बिना शोधन के गंदे पानी को यमुना नदी में जाने से रोकने में अहम भूमिका निभाएंगी। जिन इलाकों में वर्षों से पानी और सीवर की समस्या थी, वहां स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मजबूत जल और सीवर ढांचा ‘विकसित दिल्ली’ की आधारशिला है। सरकार मिशन मोड में काम कर रही है ताकि हर घर तक नियमित और पर्याप्त साफ पानी पहुंचे।
जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि राजधानी अब विकास के नए चरण में प्रवेश कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि बुनियादी सेवाओं को आधुनिक और प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
एमनेस्टी स्कीम का दायरा बढ़ा
मुख्यमंत्री ने बताया कि जल उपभोक्ताओं के लिए राहत देने वाली एमनेस्टी योजना को अब व्यावसायिक और गैर-घरेलू उपभोक्ताओं तक बढ़ा दिया गया है। योजना अगस्त तक लागू रहेगी। अब तक 3.52 लाख से अधिक उपभोक्ता लाभान्वित हुए हैं, जिससे लगभग 1,400 करोड़ रुपये की राहत दी गई और 484 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
अब व्यावसायिक उपभोक्ताओं को लेट पेमेंट सरचार्ज पर 100% छूट मिलेगी, जिससे बड़ी संख्या में लंबित पेनल्टी माफ होगी और जल बोर्ड को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।
प्रमुख परियोजनाएं
लोकार्पित परियोजनाएं:
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नीलोठी-1 एसटीपी की क्षमता 40 एमजीडी से बढ़ाकर 60 एमजीडी (लागत: 373.21 करोड़ रुपये)।
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पप्पनकलां फेज-1 एसटीपी 20 से 30 एमजीडी (लागत: 225.28 करोड़ रुपये)।
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हैदरपुर क्षेत्र में पुरानी पाइपलाइनों का प्रतिस्थापन (कुल लागत: 70.16 करोड़ रुपये)।
शिलान्यास की गई परियोजनाएं:
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चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (पैकेज 3 व 4) – कुल लागत 1,258 करोड़ रुपये से अधिक।
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बेगमपुर, वजीराबाद, रनहोला और संत नगर क्षेत्रों में घर-घर सीवर कनेक्शन।
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मोलरबंद एसटीपी क्षमता वृद्धि परियोजना।
सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली में जल आपूर्ति और सीवर व्यवस्था को मजबूत कर हर घर तक स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया जाए और राजधानी को स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाया जाए।







