इस चित्र को ध्यान से देखिये…
पत्थरों पर नक्काशी की हुई हिंदू देवी देवताओं की प्रतिमा दिख रही हैं❓
ये रुद्र महालय मंदिर है
🚩गुजरात के पाटन जिले के सिद्धपुर में इस मंदिर का निर्माण सरस्वती नदी के किनारे पर 943ई. में राजा मूलराज द्वारा शुरू किया गया था और 1140 ई. में चालुक्य वंश के शासक जयसिंह सिद्धराज द्वारा पूरा किया गया था। उनके नाम पर ही इस स्थान का नाम सिद्धपुर पड़ा।
रुद्र महालय मंदिर को पहले अलाउद्दीन खिलजी ने और बाद में गुजरात के सुल्तान अहमद शाह ने नष्ट कर दिया। साथ ही इसके कुछ हिस्सों को जामी मस्जिद में बदल दिया था।
स्थानीय लोग बताते हैं कि वास्तुकला और भव्यता में यह मंदिर अपने समय में सोमनाथ से भी अधिक विशाल था।
ये मंदिर सात मंजिल ऊँचा था और इसकी सबसे ऊँची छत से पाटन की वाबड़ी दिखाई देती थी।
लेकिन आश्चर्य यह है कि, यह मंदिर आज भी सरकारी दस्तावेजों में जामी मस्जिद के नाम से दर्ज है।
जनवरी 2022 को पाटन के जिलाधिकारी के आदेश से यह मंदिर आम जनता के लिए बंद कर दिया गया है, और अब यहाँ पुलिस का पहरा रहता है।
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200 सालों से अंग्रेजों को, कांग्रेस को, ASI को, अदालतों को समझ नहीं आया कि यह एक भव्य मंदिर है।
वैसे तो मोदी जी और मोहन भागवत को भी नहीं दिखाई दे रहा है ।






