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“अवैध रिश्तों से बचाव का मंत्र – संस्कार, संयम और आत्मसम्मान”

अवैध संबंधों से सिर्फ संस्कार ही बचा सकते हैं…
बेटियों को समझाया जाए कि ऐसे संबंध ही ना बने जो अनैतिक हो ☝️
बेटियों को गुड टच बैड टच का पाठ पढ़ाया जाए।
बेटियों को समझाया जाए की शादी से पहले किसी को ग़लत तरीके से टच करने ना दे ।

स्त्री हो या पुरुष,किसी से दोस्ती रखो तो फासला भी रखो,
((क्योंकि आजकल लेस्बियन सेक्स फिर समलैंगिक शादी की बाढ़ सी आ गई है))

यदि कोई प्रेम भी करता है तो शादी के बाद ही शारीरिक संबंध बनाने के लिए कहो अगर वह इंतजार करता है तो ही वह सच्चा प्रेमी है वरना तुम्हारा शोषण होना तय है..!!इतना सस्ता ना समझे कि कोई भी तुम्हें निचोड़ कर चला जाए..!
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नारी का शरीर एक शक्ति का रूप है, वह सृजन करती है प्रकृति की सहायिका है, हर कोई उसका सम्मान करें इससे पहले नारी को खुद अपना सम्मान करना होगा। किसी को इतना करीब आने की इजाजत ही न दे चाहे कोई भी हो..❗
हर रिश्ते की कुछ मर्यादाएं होती है, जिन्हें हमें नहीं लांघनी चाहिए..
ग़लत राह पर जाते देख माता-पिता, भाई या पति की फटकार और हिदायतें वही लक्ष्मण रेखाएं हैं, जो हमें नहीं लांघनी चाहिए..!

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Author: sssrknews

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