देश में प्रस्तावित सात पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्कों की शुरुआत मध्य प्रदेश से होने जा रही है। धार जिले के भैंसोला में बनने वाले इस मेगा पार्क का भूमिपूजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को अपने जन्मदिन पर करेंगे। 2100 एकड़ में विकसित होने वाला यह पार्क देश का पहला ऐसा परिसर होगा, जहां 5F चेन– फार्म, फाइबर, फैक्ट्री, फैशन और फॉरेन एक ही जगह पर जुड़ेगी। पार्क पूरी तरह सौर ऊर्जा से संचालित होगा और इसमें जीरो लिक्विड डिस्चार्ज सिस्टम लगाया जाएगा, ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।
रोजगार के नए अवसर
इस परियोजना से 3 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने का अनुमान है। इसमें धार, झाबुआ, आलीराजपुर और बड़वानी के आदिवासी श्रमिकों और हुनरमंद महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
और कहां बन रहे हैं पीएम मित्रा पार्क?
तमिलनाडु (विरुद्धनगर), तेलंगाना (वारंगल), गुजरात (नवसारी), कर्नाटक (कलबुर्गी), उत्तर प्रदेश (लखनऊ) और महाराष्ट्र (अमरावती) में भी ऐसे पार्क विकसित किए जा रहे हैं। यहां विदेशी कंपनियों के लिए लॉजिस्टिक हब, वेयरहाउस और बड़ा पार्किंग एरिया उपलब्ध होगा।
पार्क की विशेषताएं
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प्लग एंड प्ले यूनिट्स: उद्योगों को प्लॉट के साथ तैयार शेड, बिजली और पानी की सुविधा पहले से मिलेगी।
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एमएसएमई के लिए अवसर: 81 प्लॉट सूक्ष्म और छोटे उद्योगों के लिए किराए पर उपलब्ध होंगे।
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ऊर्जा और जल प्रबंधन: प्रतिदिन 150 मेगावाट बिजली की खपत में से 10 मेगावाट सोलर पैनलों से पूरी होगी। उद्योगों से निकलने वाले पानी का 24 घंटे में ट्रीटमेंट कर प्रतिदिन 20 एमएलडी पानी दोबारा उपयोग होगा।
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सुविधाएं: 3500 बेड का हॉस्टल, डॉरमैट्री, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, अस्पताल और पेट्रोल पंप परिसर में ही उपलब्ध होंगे।
धार को क्यों चुना गया?
धार के बदनावर को इसलिए चुना गया क्योंकि यहां से माल की आसान कनेक्टिविटी उपलब्ध है। झाबुआ–रतलाम के रास्ते एक्सप्रेसवे से मुंबई के जेएनपीटी और गुजरात के कांडला पोर्ट तक सीधा संपर्क होगा। साथ ही बदनावर–थांदला हाईवे और पीथमपुर–मऊ–नीमच हाईवे से भी बेहतर पहुंच मिलेगी।
यह पार्क न केवल रोजगार और उद्योगों को बढ़ावा देगा बल्कि पर्यावरण संतुलन और श्रमिक हितों को भी प्राथमिकता देगा। इससे भारत को वैश्विक बाजार, खासकर यूरोपियन देशों में प्रतिस्पर्धी बढ़त मिलेगी।






