लॉर्ड्स टेस्ट में हार के बावजूद चमके रवींद्र जडेजा, इंटरनेशनल क्रिकेट में रचा खास इतिहास
लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए पांच मैचों की टेस्ट सीरीज़ के तीसरे मुकाबले में टीम इंडिया को इंग्लैंड के खिलाफ 22 रन से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, इस मुकाबले में रवींद्र जडेजा ने अंत तक डटे रहकर नाबाद अर्धशतक लगाया और टीम को जीत दिलाने की पूरी कोशिश की, लेकिन दूसरे छोर से सहयोग न मिलने के कारण भारत यह मैच नहीं जीत सका। इस हार के साथ इंग्लैंड ने सीरीज में 2-1 की अहम बढ़त हासिल कर ली है।
अंतिम दिन का मुकाबला रहा बेहद रोमांचक
भारत को जीत के लिए 193 रन का लक्ष्य मिला था, लेकिन इंग्लैंड के गेंदबाजों ने शुरू से ही भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। जोफ्रा आर्चर, कप्तान बेन स्टोक्स और ब्राइडन कार्स ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए भारतीय बल्लेबाजी क्रम को तहस-नहस कर दिया। पूरी भारतीय टीम 74.5 ओवर में सिर्फ 170 रन पर सिमट गई।
रवींद्र जडेजा ने एक छोर संभालते हुए 61 रनों की नाबाद संघर्षपूर्ण पारी खेली, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें अपेक्षित समर्थन नहीं मिला। हालांकि, इस पारी के दौरान जडेजा ने एक खास उपलब्धि अपने नाम की।
इंटरनेशनल क्रिकेट में रचा कीर्तिमान
रवींद्र जडेजा ने अपनी 61 रनों की पारी के साथ इंटरनेशनल क्रिकेट में 7000 रन पूरे कर लिए, और इसके साथ ही वह 7000 रन और 600 विकेट का डबल हासिल करने वाले दुनिया के चौथे और भारत के केवल दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं।
अब तक यह उपलब्धि सिर्फ इन तीन खिलाड़ियों के नाम थी:
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शाकिब अल हसन (बांग्लादेश) – 14,730 रन और 712 विकेट
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कपिल देव (भारत) – 9,031 रन और 687 विकेट
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शॉन पोलॉक (दक्षिण अफ्रीका) – 7,386 रन और 829 विकेट
अब रवींद्र जडेजा का नाम भी इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल हो गया है। उनके नाम अब तक 361 इंटरनेशनल मैचों में 7,018 रन और 611 विकेट दर्ज हैं।
जडेजा के करियर आंकड़े
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टेस्ट क्रिकेट: 83 मैच, 3,697 रन (औसत 36.97), 326 विकेट
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वनडे क्रिकेट: 2806 रन, 231 विकेट
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T20I क्रिकेट: 515 रन, 54 विकेट
इस प्रदर्शन के साथ रवींद्र जडेजा ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह टीम इंडिया के लिए एक भरोसेमंद ऑलराउंडर हैं, जो मुश्किल समय में टीम को संभालने की काबिलियत रखते हैं।





