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टीम इंडिया ने अपने ही पैरों पर मारी कुल्हाड़ी, अब हारे तो कौन होगा जिम्मेदार!

India vs England Test: भारत और इंग्लैंड के बीच पहला टेस्ट अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। चार दिन का खेल खत्म हो चुका है और अब सबकी निगाहें आखिरी दिन पर टिकी हैं, जब हार-जीत का फैसला होगा। अब तक के मुकाबले में यह कहना मुश्किल है कि कौन सी टीम पूरी तरह हावी रही है, लेकिन ऐसा जरूर कहा जा सकता है कि टीम इंडिया ने लगभग जीता हुआ मैच खुद के गलत फैसलों से मुश्किल में डाल दिया है। अब गेंद इंग्लैंड के पाले में है—देखना होगा कि वे जीत के लिए खेलते हैं या ड्रॉ बचाने की रणनीति अपनाते हैं। फिलहाल, टीम इंडिया मुकाबले में थोड़ी पीछे नजर आ रही है।

भारतीय बल्लेबाज अचानक ढेर, दोहराई पहली पारी की गलती

लीड्स में इंग्लैंड के खिलाफ खेले जा रहे टेस्ट मैच में भारतीय टीम ने एक बार फिर वही पुरानी गलती दोहराई, जिससे पहली पारी में नुकसान झेलना पड़ा था। पहली पारी में जब टीम इंडिया चार विकेट पर 430 रन पर थी, तो लग रहा था कि स्कोर 500 के पार जाएगा। लेकिन इसके बाद पूरी टीम लड़खड़ा गई और 471 रन पर ही सिमट गई, जबकि बड़े स्कोर की पूरी संभावना थी।

दूसरी पारी में भी दोहराया वही पैटर्न

दूसरी पारी में भारत ने जब पांच विकेट पर 333 रन बना लिए थे, तब भी यही उम्मीद थी कि टीम 400 का आंकड़ा पार कर मैच को अपने कब्जे में ले लेगी। मगर एक बार फिर निचले क्रम की विफलता सामने आई और टीम 364 रन पर ऑल आउट हो गई। इस तरह से टीम ने दोनों पारियों में मजबूत स्थिति से गिरकर इंग्लैंड को वापसी का मौका दे दिया।

लोअर ऑर्डर का पूरी तरह फ्लॉप शो

पहली पारी में भारत ने अपने आखिरी सात विकेट केवल 41 रन के भीतर गंवा दिए, जबकि दूसरी पारी में अंतिम छह विकेट महज 31 रन के भीतर गिर गए। मिडल और लोअर ऑर्डर की इस नाकामी ने भारत की पकड़ मैच से लगभग छुड़ा दी। खास बात यह रही कि शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह और प्रसिद्ध कृष्णा जैसे बल्लेबाज पहली पारी में जहां सिर्फ 5 रन के अंतर पर आउट हुए, वहीं दूसरी पारी में ये सभी केवल 4 रन के अंदर पवेलियन लौट गए। टीम की यह कमजोरी अब निर्णायक साबित हो सकती है।

शार्दुल ठाकुर ना रन बना पा रहे, ना विकेट ले रहे — टीम के लिए बनते जा रहे हैं बोझ

यह बात सही है कि निचले क्रम के बल्लेबाजों से ज्यादा रन की उम्मीद नहीं की जाती, लेकिन जब चार खिलाड़ी मिलकर सिर्फ चार या पांच रन ही बना पाएं, तो सवाल उठना लाज़मी है। शार्दुल ठाकुर को बतौर ऑलराउंडर टीम में शामिल किया गया है, लेकिन जब ना तो वो बल्ले से योगदान दे पा रहे हैं और ना ही गेंद से विकेट निकाल रहे हैं, तो फिर किसी विशुद्ध गेंदबाज को खिलाना कहीं बेहतर विकल्प होता। कम से कम वह विकेट लेने में तो असरदार साबित हो सकता है। शार्दुल से फिलहाल वो भी नहीं हो रहा।

इंग्लैंड को जीत के लिए आखिरी दिन चाहिए 371 रन

इंग्लैंड को मैच जीतने के लिए अंतिम दिन 371 रन बनाने हैं। पहले ही छह ओवरों में टीम 21 रन बना चुकी है और उसके सभी विकेट सुरक्षित हैं। इंग्लैंड की बल्लेबाज़ी गहराई और आक्रामकता के लिए जानी जाती है, जिससे भारत के लिए यह मुकाबला आसान नहीं रहने वाला। टीम इंडिया कहीं न कहीं कुल स्कोर के लिहाज़ से 50 रन पीछे रह गई है — यही अंतर निर्णायक साबित हो सकता है।

भले ही भारत के पास अब भी जीत का मौका है, लेकिन हार की संभावना भी उतनी ही मजबूत है। अगर ऐसा हुआ, तो सबसे बड़ा सवाल यही उठेगा कि इस हार की जिम्मेदारी कौन लेगा?

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Author: sssrknews

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