दिल्ली में 1 अगस्त से बड़े स्तर पर स्वच्छता अभियान, शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने की तैयारियों की समीक्षा
दिल्ली के शिक्षा एवं शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने घोषणा की है कि राजधानी में 1 अगस्त से एक महीने तक चलने वाला व्यापक स्वच्छता अभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान में स्कूलों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (RWA) और सामुदायिक समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। शुक्रवार को दिल्ली सचिवालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में इस अभियान की तैयारियों की समीक्षा की गई।
प्रधानमंत्री के आह्वान पर चलाया जाएगा अभियान
मंत्री आशीष सूद ने बताया कि यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन के तहत शुरू किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने दिल्ली में साफ-सफाई के व्यापक और प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी राज्य सरकार को सौंपी है। उन्होंने कहा कि यह एक सामूहिक प्रयास है और इसका प्रभाव जमीनी स्तर पर दिखना चाहिए।
अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
बैठक में दिल्ली नगर निगम, एनडीएमसी, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, आईटी और राजस्व विभाग समेत सभी जिलों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। आशीष सूद ने निर्देश दिए कि अनधिकृत कॉलोनियों, झुग्गी-बस्तियों और अविकसित क्षेत्रों में स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ाई जाए, ताकि अभियान का असर राजधानी के हर कोने में दिखे। उन्होंने RWA, सामुदायिक संगठनों और स्थानीय निवासियों की भागीदारी को बढ़ावा देने की बात भी कही।
छात्र बनेंगे स्वच्छता दूत
शिक्षा मंत्री ने शिक्षा सचिव को निर्देशित किया कि इस अभियान में सरकारी और निजी स्कूलों दोनों को जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता गतिविधियों को स्कूल परिसरों से आगे बढ़ाकर पार्कों, बाजारों, सड़कों और धार्मिक स्थलों तक फैलाया जाए। उन्होंने छात्रों को “स्वच्छता दूत” की भूमिका निभाने और अपने परिवारों को भी इस अभियान से जोड़ने के लिए प्रेरित करने की अपील की।
ऑनलाइन पोर्टल भी होगा लॉन्च
बयान के अनुसार, अभियान के पहले दो दिनों में सभी सरकारी कार्यालयों को अपने परिसरों की साफ-सफाई सुनिश्चित करनी होगी। इसके अलावा, शहरी विकास विभाग और एमसीडी को एक समर्पित पोर्टल तैयार करने का निर्देश दिया गया है, जहां नागरिक और RWA न केवल पंजीकरण कर सकेंगे, बल्कि साफ किए गए क्षेत्रों या ध्यान देने योग्य जगहों की तस्वीरें भी अपलोड कर सकेंगे।
इस अभियान के माध्यम से दिल्ली सरकार राजधानी को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में एक ठोस कदम उठा रही है, जिसमें जनता की भागीदारी को सबसे अहम माना गया है।





