कांग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम के एक बयान ने सियासी गलियारों में तूफान खड़ा कर दिया है। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर कहा कि “हमले में शामिल आतंकियों के पाकिस्तान से आने का कोई सबूत नहीं है।” इस टिप्पणी के बाद बीजेपी समेत कई राजनीतिक दलों ने कांग्रेस पर कड़ा हमला बोला है और इसे देशविरोधी सोच करार दिया है। आइए जानते हैं इस बयान पर किस नेता ने क्या प्रतिक्रिया दी—
कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया:
???? इमरान मसूद (कांग्रेस सांसद):
“अगर आतंकवादी पाकिस्तान से आए थे तो हमारी सीमाएं असुरक्षित कैसे हैं? वे आए, हमला किया और लौट गए। क्या उन्हें एयरलिफ्ट कर लाया गया? हमें जानने का अधिकार है कि वे कहां से आए और कहां गए।”
???? प्रमोद तिवारी (कांग्रेस सांसद):
“हम जानना चाहते हैं कि हमारे 26 जवानों की हत्या करने वाले आतंकी कौन थे और कहां हैं? सरकार अब तक असफल रही है। कश्मीर में जो खेल हो रहा है, वह देश के हित में नहीं है।”
???? गौरव गोगोई (कांग्रेस सांसद):
“चिदंबरम जी पूर्व गृह मंत्री रहे हैं, वह इस मामले में अधिक जानकारी दे सकते हैं।”
???? अखिलेश यादव (सपा नेता):
“कांग्रेस पहले केंद्र की सत्ता में रही है, उनके पास कुछ विशेष जानकारी हो सकती है।”
भाजपा और अन्य दलों की तीखी प्रतिक्रिया:
???? निशिकांत दुबे (भाजपा सांसद):
“कांग्रेस अब एक देशद्रोही संगठन बन गई है। राहुल गांधी ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के साथ एमओयू साइन किया था। वे देश को बेचने को तैयार थे, लेकिन पीएम मोदी ने देश को बचा लिया।”
???? अनुराग ठाकुर (भाजपा सांसद):
“जब-जब पाकिस्तान और आतंक की बात आती है, कांग्रेस पाकिस्तान से ज्यादा उसकी वकालत करती है। कांग्रेस को पाकिस्तान का बचाव करने की क्या मजबूरी है?”
???? दर्शन सिंह चौधरी (भाजपा सांसद):
“पूरी दुनिया जानती है कि पहलगाम के आतंकी कहां से आए थे। जब पाकिस्तान खुद दहशतगर्दों को पनाह देता है, तो चिदंबरम को सबूत की क्या ज़रूरत?”
???? प्रियंका चतुर्वेदी (शिवसेना-यूबीटी सांसद):
“पाकिस्तान हमेशा आतंकी गतिविधियों के लिए जिम्मेदार रहा है। पहले टीआरएफ ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली थी। पाकिस्तान ने यूएन में भी उसका बचाव किया। हमें किसी सबूत की ज़रूरत नहीं—हमने इस आतंकी रवैये का दशकों से सामना किया है।”
निष्कर्ष:
पी. चिदंबरम के बयान ने न सिर्फ विपक्ष बल्कि कांग्रेस के भीतर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। बीजेपी ने इसे राष्ट्रविरोधी मानसिकता बताया, जबकि कांग्रेस के कुछ नेताओं ने भी अप्रत्यक्ष रूप से चिदंबरम की बातों से असहमति जताई। पहलगाम हमले को लेकर बयानबाज़ी का यह दौर आने वाले दिनों में और तेज़ हो सकता है।



