पटना: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की एनडीए सरकार ने बाहरी राज्यों में रहने वाले बिहारी प्रवासियों के लिए एक बड़ी सौगात का ऐलान किया है। त्योहारों के समय जब लोग घर लौटने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें यात्रा में कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को देखते हुए सरकार ने तय किया है कि दीपावली, छठ, होली और दुर्गा पूजा जैसे प्रमुख त्योहारों के दौरान विशेष बस सेवाएं चलाई जाएंगी, ताकि लोगों को घर पहुंचने में सुविधा हो। इस फैसले की जानकारी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की।
कितनी बसों का होगा परिचालन?
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक्स पर पोस्ट करते हुए जानकारी दी कि त्योहारों के मौके पर घर लौटने वाले लोगों की सहूलियत के लिए एनडीए सरकार विशेष बस सेवाएं शुरू करेगी। खासकर छठ, होली, दीपावली और दुर्गा पूजा जैसे प्रमुख त्योहारों के दौरान दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और पश्चिम बंगाल से बिहार आने वाले यात्रियों के लिए सरकार ने सुगम यात्रा सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत बिहार से जुड़े अंतर्राज्यीय मार्गों पर कुल 299 ए.सी. और नॉन ए.सी. बसों का परिचालन किया जाएगा।
बसों की खरीद पर कितने रुपये खर्च करेगी सरकार?
24 जून 2025 को आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। सरकार 75 ए.सी. और 74 डीलक्स बसों की खरीद पर कुल 105.82 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके अलावा, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत 150 अतिरिक्त ए.सी. बसों का संचालन भी किया जाएगा।
सरकार ने यह भी तय किया है कि छठ, होली, दीपावली और दुर्गा पूजा जैसे प्रमुख त्योहारों के दौरान केंद्र सरकार से विशेष ट्रेनों के संचालन का अनुरोध किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को आसानी से बिहार लौटने की सुविधा मिल सके।
प्रदेश के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सरकार के इस फैसले की जानकारी साझा की है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के समय लोगों को घर आने-जाने में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए सरकार विशेष रूप से प्रयास कर रही है। दिवाली, छठ, होली और दशहरा जैसे पर्वों पर राज्य से बाहर काम करने वाले लोग बड़ी संख्या में वापस लौटते हैं, लेकिन अक्सर उन्हें ट्रेन में रिजर्वेशन को लेकर भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सरकार ने उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए बसों के माध्यम से आवागमन की बेहतर व्यवस्था करने का निर्णय लिया है।



