शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया ने एजबेस्टन में इंग्लैंड को करारी शिकस्त देकर उनका गुरूर तोड़ दिया। लीड्स टेस्ट में मिली जीत के बाद कई पूर्व इंग्लिश क्रिकेटरों का मानना था कि इंग्लैंड इस सीरीज को आसानी से अपने नाम कर लेगा, लेकिन भारतीय टीम ने एजबेस्टन में शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
यह जीत कई मायनों में खास रही। एक तो ये शुभमन गिल की कप्तानी में भारत की पहली टेस्ट जीत बनी, और दूसरी बड़ी उपलब्धि यह रही कि टीम इंडिया एक ऐसे खास क्लब में शामिल हो गई है, जिसमें अब तक सिर्फ ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसी टीमें ही जगह बना सकी थीं। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में भारत ने एक नया मुकाम हासिल कर लिया है।
पहली बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने दर्ज की 100वीं टेस्ट जीत
एजबेस्टन टेस्ट में टीम इंडिया ने टॉस हारने के बावजूद शानदार शुरुआत की और पहले बल्लेबाजी करते हुए ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की। कप्तान शुभमन गिल की 269 रनों की यादगार पारी की बदौलत भारत ने पहली पारी में विशाल स्कोर खड़ा करते हुए 587 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड की टीम 407 रन ही बना सकी।
इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने दबदबा बनाते हुए इंग्लैंड को दूसरी पारी में भी बैकफुट पर धकेला और मुकाबले को 336 रनों से जीत लिया। यह जीत भारतीय टेस्ट इतिहास में खास बन गई, क्योंकि ये पहली बार था जब टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 100वीं बार कोई टेस्ट मुकाबला जीता।
अब तक केवल दो टीमें ही इस आंकड़े को पार कर पाई हैं —
- ऑस्ट्रेलिया: 234 टेस्ट जीत
- इंग्लैंड: 216 टेस्ट जीत
भारत अब इन दिग्गज टीमों की सूची में तीसरे स्थान पर आ गया है।
टेस्ट क्रिकेट में पहले बल्लेबाजी करते हुए सबसे ज्यादा जीत दर्ज करने वाली टीमें
- ऑस्ट्रेलिया – 234 जीत
- इंग्लैंड – 216 जीत
- भारत – 100 जीत
- साउथ अफ्रीका – 98 जीत
- वेस्टइंडीज – 88 जीत
एजबेस्टन में जीत दर्ज करने वाली पहली एशियाई टीम बनी भारत
टीम इंडिया ने एजबेस्टन के मैदान पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए एक और उपलब्धि अपने नाम कर ली है। भारत अब एजबेस्टन में टेस्ट मुकाबला जीतने वाली पहली एशियाई टीम बन गई है। इससे पहले एशिया की किसी भी टीम को यहां जीत नसीब नहीं हुई थी।
अब तक एशियाई टीमों ने एजबेस्टन में कुल 19 टेस्ट मुकाबले खेले थे, लेकिन जीत का खाता कोई नहीं खोल सका था। भारत ने इस रिकॉर्ड को तोड़ते हुए वहां पहली जीत दर्ज की। साथ ही, यह जीत भारत की विदेशों में रनों के अंतर से सबसे बड़ी टेस्ट जीत भी बन गई है।





