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भारत-चीन विवाद सुलझाने की तैयारी? राजनाथ सिंह ने बताया सीमा पर तनाव टालने का फॉर्मूला

Rajnath Singh SCO Summit: भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट में भाग लेने के लिए चीन के किंगदाओ पहुंचे, जहां उनकी चीनी रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जून के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस मुलाकात में गलवान जैसी घटनाओं को दोहराने से रोकने के उपायों पर चर्चा हुई।

बैठक के दौरान राजनाथ सिंह ने चीन के साथ संबंधों में सुधार के लिए चार सूत्रीय फॉर्मूला प्रस्तुत किया, जिससे सीमा पर स्थायित्व कायम रहे और भविष्य में तनाव की स्थिति न बने।

रक्षा मंत्रालय ने बताया कि राजनाथ सिंह ने एडमिरल डोंग को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष नागरिकों पर हुए आतंकी हमले और पाकिस्तान में संचालित आतंकी नेटवर्क के खिलाफ भारत द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की जानकारी भी दी।

रक्षा मंत्रालय ने क्या बताया?
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारत और चीन के रक्षा मंत्रियों के बीच हुई बैठक में दोनों पक्षों ने मौजूदा तंत्रों के माध्यम से सैनिकों की वापसी, तनाव में कमी, सीमा प्रबंधन और अंततः सीमा निर्धारण जैसे मुद्दों पर आगे बढ़ने के लिए विभिन्न स्तरों पर संवाद जारी रखने पर सहमति जताई।

राजनाथ सिंह ने चीनी रक्षा मंत्री के समक्ष जो चार सूत्रीय फॉर्मूला प्रस्तुत किया, वह इस प्रकार है:

  1. डिसइंगेजमेंट: वर्ष 2024 में तय हुई डिसइंगेजमेंट प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया जाए।

  2. तनाव में कमी: सीमा पर तनाव कम करने के लिए दोनों देशों को ठोस प्रयास करने चाहिए।

  3. सीमांकन और परिसीमन: सीमा विवाद के समाधान की प्रक्रिया को तेज किया जाए ताकि सीमांकन और परिसीमन से जुड़े लक्ष्यों को समय पर हासिल किया जा सके।

  4. विशेष प्रतिनिधि स्तर तंत्र: मतभेदों को सुलझाने और आपसी संबंधों को सुधारने के लिए मौजूदा विशेष प्रतिनिधियों की बातचीत की प्रक्रिया को सक्रिय रूप से इस्तेमाल किया जाए।

जानें क्या है 2024 का डिसइंगेजमेंट प्लान?
वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास 2020 में गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद दोनों देशों के बीच पेट्रोलिंग के अधिकार क्षेत्रों को लेकर तनाव बढ़ गया था। इस स्थिति को शांत करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से 2024 में एक नया डिसइंगेजमेंट प्लान तैयार किया गया।

इस प्लान के तहत, भारत और चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर पेट्रोलिंग को लेकर एक समन्वित व्यवस्था पर सहमति बनाई। अक्टूबर 2024 में दोनों देशों ने यह तय किया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में पेट्रोलिंग की प्रक्रिया पारदर्शी और संतुलित हो, जिससे किसी भी तरह की गलतफहमी या टकराव की संभावना न रहे। इसी सहमति को 2024 का डिसइंगेजमेंट प्लान कहा जाता है।

‘पड़ोसी देशों में हो आपसी सहयोग और सकारात्मक माहौल’
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पड़ोसी देशों के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने एशिया और वैश्विक स्थिरता के लिए भारत-चीन के बीच सहयोग को जरूरी बताया।

रक्षा मंत्री ने 2020 के सीमा गतिरोध के बाद उत्पन्न हुए भरोसे के संकट को दूर करने के लिए जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाने का आह्वान किया। इसके साथ ही, उन्होंने भारत और चीन के बीच राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ का उल्लेख करते हुए पांच साल के अंतराल के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा के पुनः शुरू होने की सराहना भी की।

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Author: sssrknews

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