राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से राफेल में भरी उड़ान, वही विमान जिसने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में पाकिस्तान को दिया था जवाब
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को हरियाणा के अंबाला एयर फोर्स स्टेशन से राफेल फाइटर जेट में उड़ान भरी। राष्ट्रपति के साथ इस sortie में ग्रुप कैप्टन अमित गहानी पायलट रहे, जबकि दूसरे राफेल विमान में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने उड़ान भरी। यह उड़ान लगभग 30 से 35 मिनट तक चली। उड़ान से पहले राष्ट्रपति मुर्मू को एयरफोर्स स्टेशन पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
गौरतलब है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत ने राफेल फाइटर जेट्स का इस्तेमाल कर पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर सटीक प्रहार किए थे। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई थी।
सुखोई-30 से पहले भी उड़ान भर चुकी हैं राष्ट्रपति
राष्ट्रपति मुर्मू ने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरबेस से सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी। वह ऐसा करने वाली भारत की तीसरी राष्ट्रपति बनी थीं।
भारतीय वायुसेना में राफेल का गौरवपूर्ण इतिहास
फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित राफेल लड़ाकू विमान को सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। पहले पांच राफेल जेट्स को 17वीं स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज’ में शामिल किया गया था। ये विमान 27 जुलाई 2020 को फ्रांस से भारत पहुंचे थे।
ऑपरेशन सिंदूर में राफेल की निर्णायक भूमिका
7 मई को शुरू हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान राफेल विमानों ने पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्रों में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। इस कार्रवाई के बाद चार दिन तक सीमा पर भीषण झड़पें हुईं, जो 10 मई को दोनों पक्षों की सहमति से समाप्त हुईं।
राफेल विमानों की इस रणनीतिक सफलता ने भारतीय वायुसेना की शक्ति और सटीकता का वैश्विक स्तर पर प्रदर्शन किया — और अब उसी राफेल में राष्ट्रपति मुर्मू की उड़ान ने देश की रक्षा क्षमता और महिला नेतृत्व दोनों का नया प्रतीक स्थापित किया है।






