???????? जलियांवाला बाग हत्याकांड में जब बेगुनाहों ने प्राणों की आहुति दी तब उधम सिंह ने संकल्प लिया कि जिस तरह डायर ने मेरे देश वासियो को इतनी क्रूरता से मारा हैं इस
डायर को मैं जिंदा नहीं छोड़ूँगा ❗ यही मेरी ज़िंदगी का आखिरी संकल्प हैं ????
जब जलियांवाला बाग हत्याकांड हुआ था उस समय उधम सिंह उस वक्त 11 साल के थे ???? और ये ह्त्याकांड उन्होने अपनी आंखो से देखा था ???? ! और उन्होने संकल्प लिया कि जिस तरह डायर ने मेरे देश वासियो को इतनी क्रूरता से मारा हैं इस डायर को मैं जिंदा नहीं छोड़ूँगा ❗ यही मेरी ज़िंदगी का आखिरी संकल्प हैं ????
आपको एक और बात मालूम होगी उधम सिंह की वह घर से गरीब थे ???? माता पिता का साया उनसे उठ चुका था ???? आनाथ आश्रम मे पल कर बड़े हुये थे ????️ ! बड़े भाई थे उनकी मौत हो चुकी थी किसी बीमारी से ????
अब आर्थिक हालत अच्छे नहीं थे ????❌ संकल्प ले लिया था डायर को मारने का ???? ! उसके लिए योजना बनाई लंदन जाने की ✈️ ! उसके लिए पैसे नहीं थे ! तो उन्होने सोचा मैं किसी आगे हाथ फैलाऊँ इससे अच्छा खुद मेहनत-मजदूरी करूँ ???? ! फिर उन्होने carpenter (लकड़ी का काम किया)
???? ! और कुछ पैसे कमा अमेरिका गए ???????? अमेरिका से फिर लंदन गए ???????? ! लंदन जाकर फिर किसी होटल मे नोकरी की पानी पिलाने की ???? ताकि कुछ पैसे इकठे हो और उससे बंदूक खरीदी जा सके ????
और ये सब काम करते करते शहीदे आजम उधम सिंह को 21 साल लग गए पूरे 21 साल ⏳ ! 1919 मे जलियाँवाला बाग हत्याकांड हुआ था और 1940 मे पूरे 21 साल बाद उन्होने अपना संकल्प पूरा किया ???? 21 साल तक वो मेहनत करते रहे, इधर उधर भागते रहे ,जिंदा रहे सिर्फ अपना संकल्प पूरा करने ले लिए ????
अंत 1940 मे Caxton Hall एक जगह है लंदन मे ???? वहाँ माइकल ओ डायर को सम्मान दिया जा रहा था ????️ मालाएँ आदि पहनाई जा रही थी ???? उधम सिंह वहाँ पहुंचे थे और अपने साथ लाई किताब मे छिपी बंदूक निकाल ???????? एक साथ 3 गोलियां डायर के सीने मे उतार दी ???????????? !
3 गोलियां मार कर एक ही वाकय कहा था कि आज मैंने 21 साल पहले लिया अपना संकल्प पूरा कर लिया है ❗ और मैं अब इसके बाद एक मिनट जिंदा नहीं रहना चाहता !
तो जब उन्होने बंदूक अंग्रेज़ अधिकारी को सोंपी ???? तो अंग्रेज़ अधिकारी के हाथ कांप रहे थे ???? !
उसको लग रहा था कहीं मुझे भी न मार दे ! तो उधम सिंह ने कहा घबराओ मत मेरे तुमसे कोई दुश्मनी नहीं है ❗ मेरी तो डायर से दुश्मनी थी जिसने मेरे देश के 3000 बेकसूर लोगो को तड़पा -तड़पा कर मारा था
तो दोस्तो हमारे क्रांतिकारियों का इतना ऊंचा आदर्श था ???????? जो संकल्प लिया है उसी की पूर्ति के लिए जीवन लगा दिया चाहे उसके लिए बेशक 21 साल ही क्यों न लगे ⏳????
एक हम है जिन्हें उनकी कुर्बानियां तक याद नही है ????
उन्होंने देशवासियों की खातिर अपनी जिंदगी कुर्बान कर दी और अफसोस हम उनके लिए 2 शब्द नहीं लिख सकते! कहां है हमारी देशभक्ति ❓
ये प्रेरणा हम सबको शहीदे आजम उधम सिंह के जीवन से लेनी चाहिए ????
माँ भारती के इस लाल को दिल से सलाम
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शत शत नमन
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Udha






