शुक्रवार शाम भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की। इस दौरान जयशंकर ने इजरायली हमलों के बाद ईरानी नागरिकों की मौत पर गहरी संवेदना जताई और भारत सरकार की ओर से ईरानी जनता के प्रति सहानुभूति प्रकट की।
बातचीत में जयशंकर ने अपने फ्रांसीसी समकक्ष के साथ हाल ही में हुई चर्चा का हवाला देते हुए कहा कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को और मजबूत किए जाने की आवश्यकता है।
अराघची ने भारत की एकजुटता की सराहना करते हुए कहा, “हम कूटनीतिक प्रक्रिया के एक महत्वपूर्ण दौर में थे। अमेरिकी अधिकारियों के साथ आगामी बातचीत की तैयारी के लिए हम ओमान के साथ परामर्श में लगे हुए थे। लेकिन इजरायली शासन की आक्रामक कार्रवाइयों — जैसे ईरान पर हमला, सैन्य कमांडरों की हत्या और आम नागरिकों व शिक्षाविदों को निशाना बनाना — ने इस कूटनीतिक प्रयास को पटरी से उतार दिया।”
इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच शनिवार को इजरायल की आवासीय इमारतों पर मिसाइल हमले हुए, जिनमें कम से कम दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने जानकारी दी कि ईरान ने एक बार फिर इजरायली क्षेत्र को निशाना बनाते हुए मिसाइलें दागीं। यह हमला दोनों देशों के बीच बीते कुछ हफ्तों से जारी गहराते टकराव का प्रतीक है।
बढ़ते खतरे को देखते हुए इजरायली प्रशासन ने देशभर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। प्रमुख शहरों और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा तैनात कर दी गई है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, जबकि आपातकालीन सेवाओं को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क रखा गया है।



